आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि इस सदन में बैठे सभी सदस्य, अपर हाउस की गरिमा बनाए रखते हुए, हमेशा आपकी गरिमा का भी ध्यान रखेंगे। मैं विश्वास दिलाता हूं कि वे मर्यादा को बनाए रखेंगे। हमारे चेयरमैन एक साधारण, किसान परिवार से आते हैं और उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया है। राजनीति उसका एक पहलू रहा है, लेकिन मुख्य धारा हमेशा समाज सेवा रही है। वे समाज के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहे हैं। वे उन सभी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक हैं, जो समाज सेवा में रुचि रखते हैं।”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैंने झारखंड में आदिवासी समुदायों के साथ आपका रिश्ता देखा है। जिस तरह से आप छोटे-छोटे गांवों में गए—चाहे हेलीकॉप्टर हो या न हो—जो भी वाहन उपलब्ध होता था, उसमें जाकर आपने रातें छोटे स्थानों पर बिताईं। झारखंड के मुख्यमंत्री भी गर्व से इसका ज़िक्र करते थे। हम सभी जानते हैं कि आपने सेवा भाव से गवर्नर के रूप में अपने पद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कई बार लोग अपने पद का बोझ महसूस करते हैं या प्रोटोकॉल में दब जाते हैं, लेकिन मैंने देखा है कि आपका प्रोटोकॉल से कोई लेना-देना नहीं है…”
सभी दलों से पीएम का आग्रह
यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा, “मेरा सभी दलों से आग्रह है कि शीतकालीन सत्र पराजय की बौखलाहट का मैदान नहीं बनना चाहिए और यह सत्र विजय के अहंकार में भी परिवर्तित नहीं होना चाहिए।”
लोकसभा स्थगित
गौरतलब है कि शून्यकाल के दौरान चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा स्थगित कर दी गई।

