प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों 5 देशों की विदेश यात्रा पर हैं। अपने दौरे के तीसरे चरण में वे स्वीडन पहुंचे, जहां भारत और स्वीडन के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इस दौरान स्वीडन ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया। गोटेनबर्ग में आयोजित यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था और विकास पर चर्चा की और निवेशकों से भारत में तुरंत निवेश करने की अपील की।
भारत में निवेश बढ़ाने पर PM मोदी का जोर
पीएम मोदी ने गुटेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में यूरोप की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने निवेश को लेकर तुरंत कार्रवाई की जरूरत बताई और भारत में निवेश करने की अपील की। पीएम मोदी ने भारत-यूरोप औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव भी रखा। साथ ही उन्होंने सभी कंपनियों से अगले पांच वर्षों में भारत के लिए नई और ठोस प्रतिबद्धता तय करने का आग्रह किया।
भारत-यूरोप सहयोग बढ़ाने के लिए नई पहल
पीएम मोदी ने भारत और यूरोप के औद्योगिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई नए प्रस्ताव दिए। इसमें ERT इंडिया डेस्क या इंडिया एक्शन ग्रुप बनाने का सुझाव शामिल है, ताकि भारत में मौजूद कंपनियों को समर्थन मिले और नई कंपनियों के प्रवेश को आसान बनाया जा सके। उन्होंने भारत-यूरोप सीईओ गोलमेज सम्मेलन और सेक्टर आधारित वर्किंग ग्रुप्स के आयोजन की बात भी कही। पीएम मोदी ने कहा कि कंपनियां अगले पांच सालों में भारत के लिए नई और मजबूत परियोजनाएं शुरू करें, जिन्हें भारत सरकार पूरा सहयोग देगी।
भारत-यूरोप रिश्तों में नया मोड़
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोप के संबंध अब एक नए महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने सरकार स्तर पर एक महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा तय किया है और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति भी बनी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं, बढ़ते मध्यम वर्ग और बुनियादी ढांचे के विकास को देश की प्रगति का मुख्य आधार बताया।
Hedrad över att ha talat vid European Round Table for Industry (ERT) i Göteborg igår. Mitt tal behandlade den växande konvergensen mellan Indien och Europa, de möjligheter som frihandelsavtalet mellan Indien och EU öppnar, Indiens reformdrivna tillväxtresa och de stora… pic.twitter.com/fZYqSN8KmZ
— Narendra Modi (@narendramodi) May 18, 2026
भारत-यूरोप साझेदारी पर पीएम मोदी का जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में प्रतिभा, बड़े पैमाने पर अवसर, मजबूत मांग और स्थिरता मौजूद है। सबसे अहम बात यह है कि 140 करोड़ भारतीयों की मजबूत इच्छाशक्ति देश को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अब समय इरादों से निवेश की ओर बढ़ने का है। पीएम मोदी ने बताया कि भारत और यूरोप की साझेदारी सिर्फ आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा मूल्यों, लोकतंत्र, विविधता, भरोसे, पारदर्शिता, नवाचार और समावेशिता पर आधारित गहरा संबंध है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत की बड़ी उपलब्धि: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने बताया कि देश के स्टार्टअप एआई, फिनटेक, अंतरिक्ष, ड्रोन और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में वैश्विक समाधान दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत और यूरोप मिलकर स्थिरता, सतत विकास और साझा समृद्धि को मजबूत आधार दे सकते हैं। उन्होंने निवेशकों को भारत की विकास यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
ERT सेशन में यूरोप की बड़ी कंपनियों की मौजूदगी
गुटेनबर्ग में आयोजित ERT सेशन में यूरोपीय उद्योग जगत की कई प्रमुख कंपनियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर से वोडाफोन, एरिक्सन, नोकिया और ऑरेंज शामिल थे। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से ASML, NXP, SAP और कैपजेमिनी मौजूद रहे। ऊर्जा और क्लीन टेक सेक्टर से ENGIE, टोटलएनर्जीज, शेल और उमिकोर ने भाग लिया। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग से वोल्वो ग्रुप, माएर्स्क, एयरबस, साब, आर्सेलरमित्तल और हीडलबर्ग तथा हेल्थकेयर और लाइफ साइंस सेक्टर से एस्ट्राजेनेका, रोश, मर्क, फिलिप्स, नेस्ले और यूनिलीवर शामिल थे।
भारत-यूरोप सहयोग के लिए 5 प्रमुख क्षेत्र तय
पीएम मोदी ने सम्मेलन में भारत और यूरोप के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की। इसमें टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है, जिसमें 5G से 6G, AI-आधारित नेटवर्क और डिजिटल समावेशन पर जोर दिया गया। दूसरा क्षेत्र AI, सेमीकंडक्टर और डीप-टेक मैन्युफैक्चरिंग है, जिसका लक्ष्य भारत को तकनीकी हब बनाना है। तीसरा हरित परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा है, जिसमें हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा भंडारण शामिल हैं। चौथा इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और शहरी विकास है, जबकि पांचवां हेल्थकेयर और लाइफ साइंस क्षेत्र है।
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