गुजरात के गांधीनगर जिले के बहियाल गांव में नवरात्रि का गरबा उत्सव उस वक्त हिंसा की आग में घिर गया, जब एक सोशल मीडिया पोस्ट ने दो समुदायों को भड़का दिया। लोग रंग-बिरंगे कपड़ों में मां दुर्गा की भक्ति में डूबे थे, लेकिन 25 सितंबर 2025 की रात को सब बदल गया। एक हिंदू युवक ने ‘आई लव मुहम्मद’ ट्रेंड के जवाब में ‘आई लव महादेव’ पोस्ट की, जिससे गुस्सा भड़क उठा। भीड़ ने गरबा पंडाल पर पत्थर फेंके, दुकानों में आग लगाई और गाड़ियां तोड़ दीं। कई लोग घायल हुए, लाखों का नुकसान हुआ। पुलिस ने धारा 144 लगाकर हालात संभाले और भारी जवान तैनात किए। यह घटना नवरात्रि की खुशियों को दागदार कर गई।
पोस्ट से भड़की हिंसा, पुलिस ने पकड़े 60 लोग
हिंसा की जड़ वह सोशल मीडिया पोस्ट थी, जो तेजी से वायरल हुई और गांव में आग लगा दी। बहियाल, जहां हिंदू आबादी 20 फीसदी और बाकी मुस्लिम बहुल है, पहले से संवेदनशील है। भीड़ ने हिंदू दुकानों को निशाना बनाया, आठ गाड़ियां जलाईं और लूटपाट की। पुलिस ने सीसीटीवी और गवाहों के बयान से 60 लोगों को पकड़ा, जिनमें ज्यादातर छोटे अपराधों में लिप्त थे। एसपी रवि तेजा वसमशेट्टी ने बताया कि दो एफआईआर दर्ज हुईं और 200 लोग हिंसा में शामिल थे। पुलिस की गाड़ियां भी टूटीं, लेकिन जवानों ने डटकर जवाब दिया। यह सब देख गांव वाले हैरान हैं कि एक पोस्ट इतना तूफान कैसे ला सकती है।
बुलडोजर ने तोड़े अवैध कब्जे, जमीन होगी आजाद
हिंसा के बाद सरकार सख्त हुई और 9 अक्टूबर 2025 को बहियाल में बुलडोजर चलने लगे। 186 अवैध दुकानें और घर, जो सरकारी जमीन पर बने थे, ध्वस्त किए जा रहे हैं। 500 पुलिसकर्मी, 20 जेसीबी मशीनें और 50 ट्रक मलबा हटाने में जुटे हैं। यह कार्रवाई एक लाख वर्ग मीटर जमीन को मुक्त करेगी। बड़े अधिकारी निगरानी कर रहे हैं, ताकि कोई गड़बड़ी न हो। भूपेंद्र पटेल सरकार की यह सख्ती हिंसा करने वालों को चेतावनी है। गांव अब धीरे-धीरे शांत हो रहा है, लेकिन सबकी नजरें आगे की कार्रवाई पर हैं।
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