नई दिल्ली: देशभर में 2027 की जनगणना को लेकर रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि जनगणना की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। जल्द ही पहले चरण, यानी हाउसलिस्टिंग और आवास जनगणना, के लिए कई राज्यों में फील्डवर्क शुरू हो जाएगा। इस बार जनगणना दो चरणों में होगी और डेटा संग्रह पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
स्वतंत्रता के बाद हो रही है आठवीं जनगणना
रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रशासनिक मशीनरी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पिछले चुनाव के बाद यह स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना है। पूरी प्रक्रिया गोपनीय रखी जाएगी और आरटीआई के तहत जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी। राज्य सरकार की मशीनरी फील्डवर्क को अंजाम देगी, जबकि गृहमंत्री की देखरेख में मंत्रालय राज्य के चीफ सेक्रेटरी को निर्देश देगा।
हाउस लिस्टिंग अप्रैल-सितंबर 2026 में, जाति गणना दूसरे चरण में
जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि जनगणना 2027 की गजट अधिसूचना 16 जून 2025 को जारी की गई थी। इसके पहले चरण के लिए अधिसूचना 07 जनवरी 2026 को जारी हुई। हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। पहले चरण के प्रश्नों की अधिसूचना 22 जनवरी 2026 को जारी हुई, जबकि दूसरे चरण की अवधि और प्रश्न बाद में घोषित होंगे। जाति गणना दूसरे चरण में की जाएगी। सरकार ने सभी नागरिकों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
19 भाषाओं में मैन्युअल और 16 भाषाओं में ऐप के साथ तैयार है जनगणना
आयुक्त ने बताया कि इस बार जनगणना में स्वगणना (सेल्फ इन्युमरेशन) की व्यवस्था है, जिससे लोग खुद जानकारी दर्ज कर सकेंगे। पहली चरण अप्रैल से सितंबर के बीच होगा और इसमें 11 राज्य शामिल हैं, जैसे केरल, तमिलनाडु और त्रिपुरा। जनगणना के लिए कुल 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है। डिस्ट्रिक्ट स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है। जनगणना मैन्युअल 19 भाषाओं में तैयार किया गया है और प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इसके साथ ही जनगणना ऐप 16 भाषाओं में विकसित किया गया है।
Census 2027 में घर, परिवार और साधनों से जुड़े 33 सवाल होंगे
सरकार ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग ऑपरेशन के पहले चरण में लोगों से 34 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें घर के फर्श, दीवार और छत की सामग्री, परिवार में विवाहित जोड़ों की संख्या, मुखिया का लिंग, उपभोग किए जाने वाले अनाज, बुनियादी सुविधाओं और मालिकाना वाहन शामिल हैं। सवालों की शुरुआत भवन संख्या, मकान संख्या और घर की निर्माण सामग्री से होगी। इसके बाद गणनाकर्ता घर के उपयोग, उसकी स्थिति और रहने वाले लोगों की संख्या के बारे में जानकारी लेंगे। परिवार के मुखिया का नाम और लिंग भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
लिव-इन कपल्स को भी जनगणना में विवाहित माना जाएगा
स्व-गणना पोर्टल पर दिए गए FAQ में बताया गया है कि यदि लिव-इन संबंध में रहने वाले दो लोग एक-दूसरे को हमेशा के लिए अपना मानते हैं, तो उन्हें जनगणना में वैवाहिक जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा। स्व-गणना का पोर्टल दोनों चरणों, हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (एलएलओ) और जनसंख्या गणना, के लिए खुला रहेगा। पोर्टल पर अक्सर पूछे जाने वाले सवालों की सूची भी उपलब्ध है, जिससे लोग 16वीं जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों का सही जवाब आसानी से दे सकें।
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