- Advertisement -

केरल के पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केपी उन्नीकृष्णन का निधन, लंबे समय से थे बीमार

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री केपी उन्नीकृष्णन का कोझिकोड में निधन हो गया। उनका जाना केरल की राजनीति में विचारधारा और लोकतांत्रिक मूल्यों की एक अहम पहचान का अंत है।

2 Min Read

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री केपी उन्नीकृष्णन का आज कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

- Advertisement -
Ad image

केपी उन्नीकृष्णन का निधन

उन्नीकृष्णन शहर के एक निजी अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों का इलाज करा रहे थे। उनके जाने के साथ केरल ने उस पीढ़ी के अंतिम प्रतिनिधि में से एक को खो दिया है, जो संसद को केवल संख्या का नहीं, बल्कि विचारों का मंच मानते थे।

केरल राजनीति में केपी उन्नीकृष्णन का अमिट योगदान

केरल की राजनीति में केपी उन्नीकृष्णन ने एक अलग और महत्वपूर्ण स्थान बनाया। समाजवादी विचारों के प्रबल समर्थक, लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े, राष्ट्रीय मोर्चा में केंद्रीय मंत्री रहे और आपातकाल के दौरान तानाशाही के कड़े आलोचक, उनकी राजनीतिक यात्रा स्वतंत्रता के बाद भारत की वैचारिक उतार-चढ़ाव की कहानी बयां करती है।

- Advertisement -
Ad image

केपी उन्नीकृष्णन का कांग्रेस में प्रवेश और राजनीतिक शुरुआत

केपी उन्नीकृष्णन ने 1960 में सोशलिस्ट पार्टी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। दो साल बाद, 1962 में वे कांग्रेस कमेटी के सदस्य बने, जिससे उनका राष्ट्रीय राजनीति के साथ लंबा और स्थिर जुड़ाव शुरू हुआ।

केपी उन्नीकृष्णन के सांसद पद की लंबी यात्रा

वडाकरा से 1971 में लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद, केपी उन्नीकृष्णन ने 1977, 1980, 1984, 1989 और 1991 में भी इसी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, और पार्टी से परे अपनी मजबूत लोकप्रियता स्थापित की।

Keywords: KP Unnikrishnan, Senior Congress Leader KP Unnikrishnan Death, KP Unnikrishnan Political Career, Vadakara Lok Sabha MP History

TAGGED:
Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू