- Advertisement -

‘जब तक बंगाल में दीदी, हम नहीं जाएंगे’, क्या ममता बनर्जी से घबराए पंडित धीरेन्द्र शास्त्री? जानें पूरी सच्चाई

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बंगाल में कथा की अनुमति रद्द होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, जब तक दीदी हैं, हम वहां नहीं जाएंगे। धर्म विरोध पर जताई नाराजगी।

3 Min Read

बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पश्चिम बंगाल दौरा रद्द होना धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कोलकाता में 10 से 12 अक्टूबर तक होने वाली उनकी कथा को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, जिसके बाद शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जब तक बंगाल में दीदी हैं, हम वहां नहीं जाएंगे। जब दादा आएंगे, तब जरूर जाएंगे।” उनका यह बयान राजनीतिक रंग में घिरा जरूर दिखा, लेकिन शास्त्री ने साफ किया कि उनका मकसद धर्म और समाज के कल्याण के लिए काम करना है, राजनीति करना नहीं।

- Advertisement -
Ad image

शास्त्री की प्रतिक्रिया, “हमने कहा थैंक यू बोल देना”

जब धीरेंद्र शास्त्री से मीडिया ने पूछा कि अब आगे क्या कदम उठाएंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “हमने कहा थैंक यू बोल देना।” उनके इस जवाब ने माहौल को हल्का जरूर किया, लेकिन संदेश गहरा था, धर्म का अपमान करने वालों को वे खुद भगवान पर छोड़ देते हैं। उन्होंने अपने अनुयायियों को समझाया कि किसी के प्रति द्वेष न रखें, बल्कि धर्म की राह पर डटे रहें। शास्त्री जी ने यह भी कहा कि उनका हर निर्णय समाज की भलाई और धार्मिक चेतना के प्रसार के लिए होता है। बंगाल में कार्यक्रम रद्द होना एक झटका जरूर है, लेकिन उनके लिए यह “धैर्य की परीक्षा” मात्र है।

“भगवान करें दीदी बनी रहें, लेकिन बुद्धि ठीक रखें”

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उन्हें किसी से निजी दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा, “भगवान करें दीदी बनी रहें, हमें उनसे कोई बुराई नहीं, पर धर्म के खिलाफ न रहें।” यह बयान उनके अनुयायियों के बीच व्यापक रूप से साझा हुआ। उन्होंने अपने भक्तों से आग्रह किया कि वे राजनीति से दूर रहें और केवल धर्म, करुणा और सदाचार पर ध्यान केंद्रित करें। उनका मानना है कि जब तक समाज में नैतिकता और धर्म की भावना जीवित है, तब तक कोई भी शक्ति उसे डिगा नहीं सकती।

- Advertisement -
Ad image

भविष्य की योजनाएं और समाज को संदेश

शास्त्री जी ने स्पष्ट कहा कि कोलकाता में उनकी कथा तभी होगी जब माहौल और अनुमति दोनों अनुकूल हों। उन्होंने दोहराया कि बागेश्वर धाम का हर आयोजन समाज में शांति, एकता और धर्म के प्रचार के लिए होता है। उन्होंने अनुयायियों से संयम और विश्वास बनाए रखने की अपील की। बंगाल में उनकी यात्रा रद्द होने के बाद अब लोग उत्सुक हैं कि आगे उनका अगला कदम क्या होगा। मगर एक बात स्पष्ट है, धीरेंद्र शास्त्री धर्म के प्रचार से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका यह रुख उन्हें एक धार्मिक नेता से बढ़कर एक सामाजिक मार्गदर्शक बनाता है, जो हर परिस्थिति में संतुलन बनाए रखते हैं।

Keywords: Dhirendra Shastri, Bageshwar Dham, Bengal Katha, Mamata Banerjee, Kolkata Event, Hindu Religion, Religious Controversy

TAGGED:
Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू