सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एयर विंग को अपने 50 साल से अधिक के इतिहास में पहली महिला फ्लाइट इंजीनियर मिल गई है। इसी के साथ BSF के इतिहास में ये एक नया अध्याय जुड़ गया है। इंस्पेक्टर भावना चौधरी ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को हासिल कर लिया है, उन्होंने 2 महीने की गहन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरी की और फ्लाइंग बैज हासिल किया।
BSF की गौरव बनी भावना चौधरी
नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में BSF के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने भावना समेत 5 प्रशिक्षित फ्लाइट इंजीनियरों को फ्लाइंग ब्रेवेट प्रदान किए। इन पांचों में भावना चौधरी इकलौती महिला थीं। यह ऐतिहासिक क्षण BSF के लिए गौरव का विषय बन गया।
BSF एयर विंग, जो कि गृह मंत्रालय के अधीन है, 1969 से अर्धसैनिक बलों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) जैसे विशेष बलों की हवाई जरूरतों को पूरा कर रहा है। विंग के पास Mi-17 1V, Mi-17 V5, चीता, ALH ध्रुव जैसे हेलीकॉप्टर और VIP ड्यूटी के लिए एंब्रेयर जेट भी है।
कठिन प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव
अगस्त 2025 में शुरू हुआ 2 महीने का यह प्रशिक्षण आंतरिक रूप से BSF द्वारा ही आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान पांचों कर्मियों को लगभग 130 घंटे की उड़ान से जुड़ी तकनीकी और व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान उन्हें पंजाब समेत कई राज्यों में आई बाढ़ जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में रियल-टाइम ऑपरेशनल अनुभव भी मिला।
एक अधिकारी ने बताया कि पहले बैच के 3 इंजीनियरों को वायुसेना (IAF) ने प्रशिक्षित किया था, लेकिन दूसरे बैच को प्रशिक्षण के लिए स्लॉट न मिलने पर BSF ने स्वतंत्र रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
महिला सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम
इंस्पेक्टर भावना चौधरी का यह कदम न केवल BSF बल्कि पूरे सुरक्षा बल तंत्र में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा संकेत है। उनके इस ऐतिहासिक योगदान से आने वाली पीढ़ियों की महिला अधिकारियों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी ऐसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपना योगदान देने के लिए प्रोत्साहित होंगी।
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