Khaleda Zia death: बीएनपी की अध्यक्ष और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने 30 दिसंबर की सुबह, ढाका के एवरकेयर अस्पताल में दम तोड़ दिया। वह करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती थीं, और डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही थी। सोमवार की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका देहांत हो गया। पूर्व प्रधानमंत्री के निधन की खबर फैलते ही, अस्पताल के बाहर BNP के नेताओं और समर्थकों की भीड़ लग गई।
BNP के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर बताया गया कि फज्र की नमाज के बाद, सुबह करीब 6 बजे, खालिदा जिया ने आखिरी सांस ली। जैसे ही यह खबर आई, पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं खालिदा जिया
आपको बता दें कि खालिदा जिया, बांग्लादेश की राजनीति की सबसे मजबूत और चर्चित शख्सियतों में थीं। वह सिर्फ देश की पहली महिला प्रधानमंत्री ही नहीं बनीं, बल्कि दो बार इस पद पर रहीं। दशकों तक उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय की। BNP को खड़ा करने और उसे ताकतवर बनाने में उनका नाम इतिहास में दर्ज है।
बेटे तारिक रहमान ने की 17 साल बाद वापसी
मां के निधन से कुछ दिन पहले ही, उनके बेटे और BNP के वरिष्ठ नेता तारिक रहमान 17 साल बाद लंदन से लौटे। राजनीति के लिहाज से ये वापसी अहम मानी जा रही थी, लेकिन परिवार के लिए वक्त बेहद भारी था। 25 दिसंबर को तारिक ढाका पहुंचे, और 29 दिसंबर की रात सीधे अस्पताल गए, मां से मिलने। कई घंटे वहीं रहे, डॉक्टरों से हालचाल लेते रहे। अब खालिदा जिया के जाने के बाद, पार्टी की कमान और मां की विरासत दोनों की जिम्मेदारी उन पर आ गई है।
चुनाव से पहले राजनीति का बड़ा मोड़
खालिदा जिया ऐसे वक्त पर गईं, जब बांग्लादेश राजनीति के नाजुक दौर से गुजर रहा है। 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने को हैं। अगस्त 2024 में हिंसक विरोध के बाद, तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। फिर अंतरिम सरकार बनी, जिसमें नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस ने कमान संभाली है।
ऐसे माहौल में खालिदा जिया की मौत सिर्फ एक नेता के जाने से कहीं ज्यादा है। विपक्ष की राजनीति में अब एक निर्णायक मोड़ आ गया है। आने वाले चुनावों में BNP किस रास्ते पर जाएगी, और तारिक रहमान कैसे पार्टी को आगे ले जाएंगे सबकी नजरें अब इसी पर टिकी हैं, देश में भी और बाहर भी।
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