करीब एक करोड़ से अधिक केंद्रीय वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को औपचारिक रूप से आठवें वेतन आयोग के गठन और इसके टर्म ऑफ रेफरेंस (Terms of Reference – ToR) को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
आयोग अपनी सिफारिशें अगले 18 महीनों में सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी वर्ष 2027 से लागू हो सकती है।
सिफारिशें भेजने के लिए 18 महीने का समय
कैबिनेट की बैठक के बाद जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि आठवें वेतन आयोग के लिए टर्म ऑफ रेसरेंस को मंजूरी दी गई है। आयोग में एक अध्यक्ष, एक सदस्य (पार्ट टाइम) और एक सदस्य-सेक्रेटरी होंगे। इसके गठन के बाद सिफारिशें भेजने के लिए वेतन आयोग को 18 महीने का समय दिया गया है।
1 जनवरी 2026 से होगा प्रभावी
NC-JCM (स्टाफ साइड) के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि 8वें वेतन आयोग को लागू करने में भले ही देरी हो सकती है, लेकिन यह 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। यानी, इसमें अगर देरी होती है तो फिर 1 जनवरी 2026 से कर्मचारियों को एरियर जोड़कर दिया जा सकता है।
2027 में एरियर के साथ बढ़ी सैलरी
इससे पहले जब सातवें वेतन आयोग को लागू किया गया था, उस समय भी देरी हुई थी और सभी कर्मचारियों और वेतनभोगियों को एरियर दिया गया था। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को रिप्रजेंट करने वाले फोरम एनसी-जीसीएम की तरफ से जनवरी में ही केन्द्र सरकार को टर्म ऑफ रेफरेंस सौंपा जा चुका है।
चेयरमैन कौन?
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस आयोग की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है, जो इसकी अध्यक्ष होंगी।
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