- Advertisement -

19 साल पहले गांधी की विचारधारा पर बनी इस फिल्म ने बदल दी दर्शकों की सोच!

19 साल पहले रिलीज़ हुई "लगे रहो मुन्ना भाई" ने लोगों के बीच गांधीगिरी का नया ट्रेंड शुरू किया। संजय दत्त और अरशद वारसी की दोस्ती, विद्या बालन का किरदार और दिलीप प्रभावलकर का गांधीजी का रोल आज भी याद किया जाता है।

4 Min Read

साल 2006 में एक ऐसी बॉलीवुड फिल्म रिलीज़ हुई थी जिसने दर्शकों के सोचने का नजरिया ही बदल दिया। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर कमाल किया, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी अमिट छाप छोड़ी। इसमें महात्मा गांधी की विचारधारा को नए अंदाज में प्रस्तुत किया गया था। संजय दत्त और अरशद वारसी की जोड़ी, विद्या बालन की दमदार अदाकारी और बोमन ईरानी का शानदार अभिनय सबने मिलकर इस फिल्म को खास बना दिया। हम बात कर रहे हैं राजकुमार हिरानी की सुपरहिट फिल्म “लगे रहो मुन्ना भाई” की।

- Advertisement -
Ad image

गांधी की सोच को आम जिंदगी से जोड़ा गया

इस फिल्म का मूल संदेश गांधीजी की शिक्षाओं से प्रेरित था। इसमें यह दिखाया गया कि उनके सिद्धांत,सत्य, अहिंसा और सादगी,सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक समय में भी समस्याओं को सुलझाने का सबसे बेहतर तरीका बन सकते हैं। फिल्म में संजय दत्त यानी मुन्नाभाई, गांधीजी के सत्याग्रह और अहिंसा के रास्ते को अपनाते हैं। बिना हिंसा, झूठ और छल के, सिर्फ सच और नैतिकता के दम पर हर मुश्किल का हल निकालना ही फिल्म का असली संदेश था। यही वजह है कि गांधीगिरी का नया कॉन्सेप्ट दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। चाहे सच बोलने की बात हो, ईमानदारी से जीने की, या फिर धैर्य और शांति से समस्याओं को हल करने की, फिल्म ने इन मूल्यों को एक साधारण इंसान की जिंदगी से जोड़ दिया।

बॉक्स ऑफिस पर तोड़ी कमाई के सारे रिकॉर्ड

22 करोड़ के बजट में बनी “लगे रहो मुन्ना भाई” रिलीज़ के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर छा गई। दर्शकों को फिल्म इतनी पसंद आई कि सिर्फ पहले हफ्ते में इसने 50 करोड़ से ज्यादा का बिज़नेस कर लिया। वहीं कुल मिलाकर इसने दुनिया भर से करीब 124.98 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो उस समय किसी भी बॉलीवुड फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि थी।
मुन्ना और सर्किट की दोस्ती, विद्या बालन की प्यारी आवाज़ में गुड मॉर्निंग मुंबई, गांधीजी का किरदार निभाने वाले दिलीप प्रभावलकर की गहरी छाप, ये सब बातें मिलकर इस फिल्म को यादगार बना गईं।

- Advertisement -
Ad image

नेशनल अवॉर्ड्स से लेकर दर्शकों के दिल तक

लगे रहो मुन्ना भाई को न सिर्फ दर्शकों का प्यार मिला, बल्कि क्रिटिक्स ने भी इसे खूब सराहा। इस फिल्म को 4 नेशनल अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। दिलीप प्रभावलकर को गांधीजी का शानदार अभिनय करने के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। अभिजात जोशी, राजकुमार हिरानी और विधु विनोद चोपड़ा को बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए सम्मानित किया गया।स्वानंद किरकिरे को बेस्ट लिरिसिस्ट का अवॉर्ड मिला।और फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग व्होलसम एंटरटेनमेंट का नेशनल अवॉर्ड दिया गया।

19 साल बाद भी है उतनी ही प्रासंगिक

आज भी जब लगे रहो मुन्ना भाई का नाम लिया जा0ता है, तो दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि एक सोच थी जिसने यह साबित किया कि गांधीजी के विचार आज भी उतने ही कारगर और ज़रूरी हैं जितने आज़ादी के समय थे। यही वजह है कि यह फिल्म हिंदी सिनेमा की इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है।

Keywords: Lage Raho Munna Bhai, Gandhi Philosophy In Bollywood, Gandhigiri Concept, Sanjay Dutt Munna Bhai Movie, Arshad Warsi Circuit Role, Vidya Balan Rj Role, Rajkumar Hirani Films, Bollywood Blockbuster 2006

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू