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दिल्ली में ‘बिना बादल बारिश’ का सफल ट्रायल! प्रदूषण से निपटने के लिए आज तीसरा क्लाउड सीडिंग ट्रायल

दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का एक और ट्रायल सफल हो गया है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आज ही तीसरा बड़ा प्रयास भी किया जाना है।

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दिल्ली-एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश की तकनीक एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है। हाल ही में राजधानी में बिना बादल बारिश का एक और सफल ट्रायल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, तकनीक और उपकरण की क्षमता को सफलतापूर्वक परखा गया है।

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आज ही तीसरा ट्रायल

प्रदूषण कम करने की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत, आज ही क्लाउड सीडिंग का तीसरा ट्रायल भी होना है। यदि मौसम की स्थिति अनुकूल रही, तो दिल्ली के कुछ हिस्सों में अगले कुछ घंटों में आर्टिफिशियल रेन देखने को मिल सकती है, जिससे हवा में मौजूद विषैले कणों को साफ करने में मदद मिलेगी।

  • हाल ही में क्लाउड सीडिंग का एक और प्रोविंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिसमें सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड युक्त फ्लेयर्स को बादलों में छोड़ा गया।
  • प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए, आज ही तीसरा बड़ा ट्रायल भी किए जाने की योजना है।
  • दिल्ली प्रदूषण को कम करने के लिए कृत्रिम वर्षा कराना, खासकर दिवाली के बाद बढ़ने वाले स्मॉग से मुकाबला करना।
  • यह प्रोजेक्ट आईआईटी कानपुर और दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग का एक संयुक्त प्रयास है।
  • सफल क्लाउड सीडिंग के बाद 15 मिनट से 4 घंटे के भीतर बारिश होने की संभावना है।

क्या होती है क्लाउड सीडिंग?

क्लाउड सीडिंग एक वेदर मॉडिफिकेशन तकनीक है, जिसका उपयोग बारिश कराने या बढ़ाने के लिए किया जाता है।
एक विशेष विमान का उपयोग करके सिल्वर आयोडाइड या नमक जैसे रसायनों को बादलों में छोड़ा जाता है।
ये कण हवा में मौजूद नमी के लिए ‘नाभिक’ का काम करते हैं। नमी इन कणों के चारों ओर जमा होकर बड़ी पानी की बूंदें या बर्फ के क्रिस्टल बनाती है।

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जब ये बूंदें या क्रिस्टल इतने भारी हो जाते हैं कि हवा उन्हें संभाल नहीं पाती, तो वे बारिश के रूप में धरती पर गिर जाते हैं।
यह बारिश हवा से PM2.5 और PM10 जैसे खतरनाक कणों को धोकर गिरा देती है, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार होता है।

दिल्ली में कृत्रिम बारिश का यह प्रयास राजधानी के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। क्लाउड सीडिंग की सफलता न सिर्फ प्रदूषण से राहत दिलाएगी, बल्कि पर्यावरण चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार के महत्व को भी स्थापित करेगी। सभी की निगाहें आज होने वाले तीसरे ट्रायल पर टिकी हैं।

Keywords: Delhi Pollution, Cloud Seeding, Artificial Rain, Pollution Control, Trial Successful

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