दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में एक नया मोड़ लेते हुए नितिन नबीन को 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है। सिर्फ 45 साल की उम्र में ये जिम्मेदारी संभालना अपने आप में बड़ी बात है, पार्टी के इतिहास में अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष। दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में जब उनके नाम का ऐलान हुआ, तो वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तमाम केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। ये सिर्फ एक चेहरा बदलने की बात नहीं थी। असल में, ये आने वाले सालों की रणनीति और दिशा की झलक भी है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पूरा हुआ संगठन पर्व
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक परंपरा को खास तौर पर सामने रखा। उन्होंने बताया कि संगठन पर्व की पूरी प्रक्रिया महीनों चली, बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव तक, हर कदम पार्टी के संविधान और तय नियमों के मुताबिक हुआ। मोदी ने देशभर के कार्यकर्ताओं को इस कामयाबी के लिए बधाई दी, और साफ कहा कि भाजपा की असली ताकत उसकी पारदर्शी और सहभागी संस्कृति में है।
Speaking from the @BJP4India HQ in Delhi.
— Narendra Modi (@narendramodi) January 20, 2026
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अपने सफर को प्रधानमंत्री ने किया याद
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने पार्टी और संघ परिवार के सफर के अहम मोड़ों को भी याद किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, अटल बिहारी वाजपेयी के 100 साल और संघ के 100 साल जैसे मौकों का जिक्र किया, और कहा कि इन्हीं से भाजपा को देश सेवा का हौसला मिलता है। उन्होंने ये भी साफ किया कि पार्टी सिर्फ नेतृत्व नहीं बदलती, अपनी वैचारिक जड़ों से हमेशा जुड़ी रहती है।
शून्य से शिखर तक: अध्यक्षों की भूमिका
पीएम मोदी ने भाजपा की तरक्की में पुराने अध्यक्षों की भूमिका को भी याद किया। अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा इन सभी ने पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। खास तौर पर राजनाथ सिंह के वक्त पार्टी को पहली बार बहुमत मिला, और अमित शाह के समय भाजपा का पूरे देश में विस्तार हुआ। इन सभी नेताओं ने पार्टी को आज जहां है, वहां तक पहुंचाया।
‘मैं कार्यकर्ता हूं, अध्यक्ष मेरे बॉस हैं’
इस कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा मोदी के एक जुमले की हुई, “मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं और नितिन नबीन मेरे बॉस हैं।” इस एक लाइन ने पार्टी की कार्यकर्ता-केंद्रित संस्कृति को फिर से सामने रखा। मोदी ने साफ किया कि अध्यक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ भाजपा तक सीमित नहीं है, बल्कि एनडीए के साथी दलों के साथ तालमेल भी ज़रूरी है। उन्होंने नितिन नबीन के संगठनात्मक अनुभव की तारीफ करते हुए कहा, ये जिम्मेदारी उनके लिए बिलकुल सही है।
मिलेनियल नेतृत्व और बदलते भारत की समझ
प्रधानमंत्री ने नितिन नबीन को आज की युवा पीढ़ी का नेता बताया, ‘मिलेनियल लीडर’। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन उस पीढ़ी से आते हैं जिसने रेडियो से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक का सफर देखा है। यही अनुभव उन्हें तकनीकी बदलाव, युवाओं की उम्मीदें और नई राजनीति की चुनौतियां समझने में मदद करता है। उनके जोश और संगठन के अनुभव का मेल भाजपा के लिए बड़ी बात है।
अगले 25 साल और विकसित भारत का सपना
मोदी ने अपने भाषण में बार-बार अगले 25 सालों को बेहद अहम बताया। उनके मुताबिक, यही वो समय है जब भारत को विकसित राष्ट्र बनना है। ऐसे मौके पर नितिन नबीन का अध्यक्ष बनना पार्टी के लिए शुभ संकेत है। मोदी ने कहा, भाजपा में नेतृत्व बदलता रहता है, लेकिन दिशा और आदर्श हमेशा एक जैसे रहते हैं, यही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।
संगठन नहीं, एक जीवंत संस्कृति
अंत में प्रधानमंत्री ने भाजपा को सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “संस्कृति और परिवार” बताया। उन्होंने कहा, पार्टी में प्रक्रिया तो है ही, लेकिन असली महत्व विचारधारा और परंपरा का है। भाजपा की जड़ें स्थानीय स्तर पर गहरी हैं, और इसी वजह से वो क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा पाती है। नितिन नबीन की अगुवाई में पार्टी अब इसी संस्कृति को आगे बढ़ाकर नए भारत की राजनीति गढ़ने को तैयार है।
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