महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने एनसीपी नेता माणिकराव कोकाटे का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। आज सुबह नासिक पुलिस की एक टीम लीलावती अस्पताल पहुंची थी, जहां माणिकराव कोकाटे का एंजियोग्राफी टेस्ट होना है। इसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है।
इससे पहले नासिक पुलिस की एक टीम गैर-जमानती वारंट लेकर बांद्रा पुलिस स्टेशन पहुंची थी। इसके बाद एक टीम अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों से कोकाटे की स्वास्थ्य रिपोर्ट और संभावित डिस्चार्ज को लेकर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। बता दें कि इस साल यह अजित पवार की एनसीपी पार्टी के दूसरे ऐसे नेता हैं, जिनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है। दरअसल, माणिकराव कोकाटे से जुड़ा पूरा मामला इस तरह है—नासिक की एक अदालत ने उन्हें साल 1995 के धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में दोषी ठहराया है। यह मामला राज्य सरकार की एक आवास योजना से जुड़ा हुआ है। अदालत ने इस मामले में कोकाटे को दो साल की जेल की सजा सुनाई है।
माणिकराव कोकाटे के पास महाराष्ट्र सरकार में खेल एवं युवा कार्य, अल्पसंख्यक कार्य और वक्फ मंत्री का विभाग था। अदालत के आदेश के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को बरकरार रखा था। अदालत के फैसले के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा, जिसे मंजूर कर लिया गया। राज्यपाल देवव्रत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में बताया कि उन्हें 17 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री का पत्र प्राप्त हुआ था। इस पत्र में मुख्यमंत्री ने माणिकराव सरस्वती शिवाजी कोकाटे के पास रहे खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ मंत्रालय की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री अजित पवार को सौंपने की सिफारिश की थी। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री की इस सिफारिश को अपनी मंजूरी दे दी है।
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