Iran US Peace Talks: ईरान और अमेरिका के बीच 22 अप्रैल को सीजफायर खत्म होने वाला है, लेकिन दूसरे दौर की बातचीत को लेकर अभी तक कोई साफ स्थिति नहीं बन पाई है। अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक टीम इस्लामाबाद भेज दी है, लेकिन ईरान की तरफ से शांति वार्ता में शामिल होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इसी बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने दो टूक कहा है कि किसी भी तरह की धमकी या दबाव के माहौल में अमेरिका से बातचीत संभव नहीं है।
गालिबाफ: धमकी और दबाव के बीच नहीं होगी बातचीत
गालिबाफ ने कहा कि न तो युद्धविराम तोड़कर और न ही नाकेबंदी के जरिए ईरान को झुकाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप होर्मुज इलाके में दबाव और पाबंदियां बढ़ाकर बातचीत को आत्मसमर्पण की कोशिश बना रहे हैं या फिर नए युद्ध को सही ठहराना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने साफ किया कि धमकियों के माहौल में कोई भी वार्ता स्वीकार नहीं होगी। गालिबाफ ने यह भी दावा किया कि पिछले दो हफ्तों में ईरान ने हालात के मुताबिक अपनी रणनीति को मजबूत किया है।
ترامپ با اعمال محاصره و نقض آتشبس میخواهد تا به خیال خود این میز مذاکره را به میز تسلیم تبدیل کند یا جنگافروزی مجدد را موجّه سازد.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 20, 2026
مذاکره زیر سایهٔ تهدید را نمیپذیریم و در دو هفتهٔ اخیر برای رو کردن کارتهای جدید در میدان نبرد آماده شدهایم.
ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसकी टीम इस्लामाबाद पहुंच रही है। उन्होंने दोहराया कि ईरान को पूरी तरह अपना परमाणु कार्यक्रम समाप्त करना होगा और किसी भी तरह के हथियार विकसित नहीं करने दिए जाएंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरानी नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन तेहरान को परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़नी होंगी। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अगर समझौता नहीं हुआ तो हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। बातचीत विफल होने की स्थिति पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इसका अंदाजा लगाया जा सकता है, और नतीजे अच्छे नहीं होंगे।
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