एआईएमआईएम की नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख पर चुनावी नामांकन के दौरान फर्जी सर्टिफिकेट इस्तेमाल करने का आरोप लगा है, जिस पर उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सहर शेख ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और उन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और फर्जी दस्तावेज बनाने की बात गलत है।
सहर शेख ने आगे कहा कि एक तरफ वे सामाजिक जिम्मेदारियों में लगे हैं, लोगों की मदद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ इस तरह की बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप सुनकर हैरानी होती है कि आखिर यह सब क्यों किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सच को दबाने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है।
#WATCH | Thane, Maharashtra: On the fake caste certificate row, AIMIM corporator Sahar Yunus Shaikh says, "… I am being accused that I made fake documents and contested elections… People have put allegations on me… As a human, I am shocked by the lies that are being… pic.twitter.com/WbpxjiNNFK
— ANI (@ANI) April 20, 2026
आरोपों पर सहर शेख का पलटवार
सहर शेख ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें संविधान और देश के कानून पर पूरा भरोसा है। उन्होंने बताया कि मामला अदालत में होने के कारण उन्होंने अब तक मीडिया से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन सच्चाई सामने रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करना जरूरी हो गया। उन्होंने आगे कहा कि यह पूरा विवाद अब कोर्ट में है और जिन लोगों ने उनके खिलाफ आरोप लगाए हैं, उन्हें वहीं जवाब दिया जाएगा। सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके परिवार को लेकर गलत दावे करने वालों और एकतरफा कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी उन्होंने कानूनी कदम उठाए हैं और नोटिस भेजा है।
मानहानि नोटिस से सहर शेख का जवाब
सहर शेख ने कहा कि उन्होंने कई लोगों और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स को मानहानि का नोटिस भेजा है। उनके मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तस्वीरों के साथ भ्रामक और गलत सामग्री साझा की गई, जिसे उन्होंने राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद विरोधी इस तरह के आरोप लगा रहे हैं और सभी को कानूनी रूप से जवाब दिया जाएगा।
वहीं, इस मामले में फराह सिद्दीकी और शबाब अहमद द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें सहर शेख पर सरकारी एजेंसियों को गुमराह कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र हासिल करने का आरोप लगाया गया है।
Keywords: Sehar Sheikh Fake Certificate Case, AIMIM Corporator Controversy, Maharashtra Caste Certificate Fraud

