Nashik Conversion Case: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े कथित यौन शोषण और धर्मांतरण के मामले ने हड़कंप मचा दिया है। इस केस में पुलिस अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी बताई जा रही निदा खान अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें भिवंडी और मुंबई में छापेमारी कर रही हैं। साथ ही उसके डिजिटल रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।
इस मामले में जांच का फोकस अब पूरी तरह निदा खान पर है। गिरफ्तार आरोपियों में कई पुरुष शामिल हैं, जिनकी पहचान अलग-अलग नामों से हुई है। पुलिस सभी कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश कर रही है।
फरार आरोपी पर पुलिस का फोकस
नासिक मामले में आठवीं आरोपी के तौर पर सामने आई निदा खान अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। बताया जा रहा है कि वह भिवंडी की रहने वाली है। जांच एजेंसियों को उसकी भूमिका को लेकर कई अहम जानकारी मिली हैं। सूत्रों के अनुसार, उसे इस पूरे नेटवर्क की मुख्य कड़ी माना जा रहा है और कंपनी के भीतर महिला समूह को संभालने की जिम्मेदारी उसी के पास थी।
दोस्ती के बहाने जाल बिछाने का आरोप
आरोप है कि वह नए कर्मचारियों को धीरे-धीरे अपने प्रभाव में लेती थी। शुरुआत में वह उनसे घुल-मिलकर भरोसा कायम करती और एक सुरक्षित माहौल बनाती थी। इसके बाद उन पर अपनी बात मानने के लिए दबाव बनाया जाता और उन्हें कुछ खास धार्मिक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जाता था। सूत्रों के मुताबिक यह पूरा मामला बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था, जिससे शुरुआत में पीड़ित महिलाओं को किसी तरह की साजिश का अंदेशा नहीं हुआ। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी की भूमिका केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह एक बड़े नेटवर्क को खड़ा करने में सक्रिय थी। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए कई महिलाओं को जोड़कर आगे इसी प्रक्रिया को बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी।
अब जांच एजेंसियां यह समझने में जुटी हैं कि क्या इस पूरी व्यवस्था के माध्यम से महिलाओं पर मानसिक दबाव बनाकर उनकी सोच को प्रभावित किया जा रहा था।
फरार आरोपी की तलाश तेज
मिली जानकारी के अनुसार, निदा ने जनवरी 2021 में कंपनी जॉइन की थी और कुछ समय बाद नौकरी छोड़ दी। इसके बाद से उसका कोई ठिकाना सामने नहीं आया है। उसका फोन भी लगातार बंद मिल रहा है, जिससे उसके छिपे होने की आशंका बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस ने कई टीमें बनाकर अलग-अलग जगहों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले में कई अहम राज खुल सकते हैं।
गुप्त ऑपरेशन से हुआ खुलासा
बताया जा रहा है कि यह मामला लंबे समय से चल रहा था, लेकिन सामने तब आया जब एक महिला कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। उसने दावा किया कि उसे शादी का झांसा देकर शोषण किया गया और उस पर अपनी मर्जी के खिलाफ फैसले लेने का दबाव बनाया गया।
मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष योजना के तहत गुप्त जांच शुरू की। करीब एक महीने तक महिला पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग भूमिकाओं में रहकर कंपनी के भीतर की गतिविधियों पर नजर रखी, जिससे कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल और डिजिटल डेटा की पड़ताल की, जिसमें अन्य महिला कर्मचारियों के साथ भी संदिग्ध व्यवहार के संकेत मिले। इसके बाद कई पीड़ितों ने सामने आकर शिकायत दर्ज कराई। 3 अप्रैल तक यौन उत्पीड़न और धार्मिक मुद्दों से जुड़े कुल 9 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है।
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