शिवसेना के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की कमजोर नीतियों के कारण नक्सलवाद देशभर में फैला, लेकिन मौजूदा सरकार ने इस पर प्रभावी नियंत्रण किया है। शिंदे ने अपने संबोधन की शुरुआत नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देकर की और सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की।
शिंदे ने मोदी-शाह की सराहना की
डॉ. श्रीकांत शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार ने तय समयसीमा के भीतर नक्सलवाद पर काबू पाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इसे खत्म करना असंभव मानते थे, उन्हें अब जवाब मिल गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस ने पहले ही सख्त कार्रवाई की होती, तो हालात इतने गंभीर नहीं बनते।
नक्सलबाड़ी से शुरू होकर देशभर में फैला आंदोलन
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से शुरू हुआ नक्सल आंदोलन धीरे-धीरे कई राज्यों और जिलों में फैल गया। उनका कहना था कि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते तो इसे रोका जा सकता था। उन्होंने जोड़ा कि पिछली सरकारों की कमजोर नीतियों और लोगों के भरोसे की कमी के कारण गरीब और आदिवासी वर्ग इससे जुड़ते गए। वहीं, मौजूदा सरकार ने विकास पर जोर देकर रेड कॉरिडोर को ग्रोथ कॉरिडोर में बदलने की दिशा में काम किया है।
शिंदे का दावा, सरकार ने नक्सलवाद पर कसा शिकंजा
श्रीकांत शिंदे ने आरोप लगाया कि पहले की कमजोर नीतियों का फायदा उठाकर बाहरी ताकतों ने देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि माओवादी तत्वों के आतंकी संगठनों से संबंध सामने आए थे, जिससे सुरक्षा को खतरा बढ़ा। शिंदे के अनुसार, मौजूदा सरकार ने सख्त कदम उठाकर हालात में सुधार किया है। उन्होंने बताया कि हजारों नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया, जबकि कई गिरफ्तार और मारे भी गए। साथ ही, गढ़चिरोली जैसे इलाकों में युवाओं को रोजगार देकर उन्हें हिंसा से दूर करने का प्रयास किया गया है।
‘गढ़चिरोली में बदली तस्वीर, नक्सलवाद में आई गिरावट’
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे जवानों का मनोबल कमजोर होता है। उन्होंने बताया कि पहले महाराष्ट्र के गढ़चिरोली और नंदुरबार जैसे इलाकों में नक्सली हिंसा ज्यादा थी, लेकिन अब हालात काफी बदल चुके हैं। उनके अनुसार, नक्सलियों की संख्या में बड़ी कमी आई है और गढ़चिरोली जैसे क्षेत्र अब विकास की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी डर का माहौल था, वहां अब उद्योग और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
Keywords: Naxalism In India, Shrikant Shinde Speech Lok Sabha, Amit Shah Naxal Policy, Gadchiroli Development India

