ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाता, तब तक किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है। आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान भले ही बड़े-बड़े दावे करता रहा हो, लेकिन अब उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
दरअसल, भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को रद्द किए जाने के बाद पाकिस्तान में पानी का संकट गहराने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि देश के कई हिस्सों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है और आम लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
इसी बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत से सिंधु जल समझौते को बहाल करने की मांग उठाई है। इतना ही नहीं, उसने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भी उठाया। इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दो टूक कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
UN मीटिंग में पाकिस्तान की हरकत
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने उस समय सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठाया, जब वहां एक अलग विषय पर बैठक चल रही थी। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच का इस तरह इस्तेमाल किया हो। इससे पहले भी वह कई बार ऐसे कदम उठाकर चर्चा में आ चुका है, लेकिन हर बार भारत ने उसे सख्त जवाब दिया है।
भारत ने रखा स्पष्ट रुख
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश ने पाकिस्तान के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे को इस तरह पेश कर रहा है, मानो वह पीड़ित हो, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस मंच पर यह मुद्दा उठाया गया, उसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता सुनिश्चित करना था। ऐसे महत्वपूर्ण विषय से ध्यान भटकाकर राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाना न केवल अनुचित है, बल्कि उस कार्यक्रम की भावना के भी खिलाफ है।
Keywords: Pakistan Water Crisis, Indus Water Treaty, India Pakistan Water Dispute, UN Meeting Pakistan Issue, Water Crisis Pakistan 2026

