उत्तर प्रदेश की राजनीति में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर चल रहा विवाद अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। इस बीच शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने अविमुक्तेश्वरानंद का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है। नरसिंहपुर जिले के सूखाखैरी गांव में आयोजित श्री रामचरितमानस एवं विष्णु यज्ञ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हमारे आचार्यों के साथ ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए, जिससे सनातन धर्म को नुकसान पहुंचे। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्यों देश के हिंदू मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण है, जबकि अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों पर ऐसा नहीं होता।
सदानंद सरस्वती ने गौ रक्षा आंदोलन पर दिया बयान
गौ रक्षा के मुद्दे पर शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने कहा कि इस प्रकार के आंदोलनों को दबाना या साजिश करना सही नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कल्पनाओं को कभी साबित नहीं किया जा सकता, लेकिन सत्य को दबाया जा सकता है, पर उसे पराजित नहीं किया जा सकता।
शंकराचार्य ने यौन उत्पीड़न के आरोपों पर की जांच की मांग
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है, और उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। इस बीच, उन्होंने हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत की अपील की है। शंकराचार्य ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मामले की स्पष्ट जांच की मांग की और खुद पर लगाए गए आरोपों की सही तरीके से जांच कराने की बात कही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यूपी पुलिस पर जताई जनता की असमर्थता
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यूपी पुलिस पर जनता का भरोसा नहीं है और उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने बताया कि जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब हमें ज्यादा कुछ नहीं बोलना चाहिए और जांच में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले दिए गए जवाब ही पर्याप्त हैं, और जांच के आगे बढ़ने पर तथ्य सामने आ जाएंगे।
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