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डॉक्टर बनने की सनक में छात्र ने उठाया खौफनाक कदम, दिव्यांग कोटा से MBBS में प्रवेश पाने के लिए काटे अपने पैर

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक छात्र ने एमबीबीएस में दिव्यांग कोटा से प्रवेश पाने के लिए खुद का पैर काट लिया। पुलिस जांच में उसकी पूरी साजिश सामने आ गई।

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जौनपुर: सपने इंसान को आगे बढ़ने की ताकत देते हैं, ये तो सच है। लेकिन कई बार यही सपना जुनून में बदल जाता है, और जब हद पार हो जाए तो सबकुछ तबाह कर सकता है। जौनपुर के खलीलपुर गांव का सूरज भास्कर इसका ताजा उदाहरण है। उम्र करीब 24-25 साल। उसका सिर्फ एक सपना था, डॉक्टर बनना। उसने दो बार NEET की परीक्षा दी, दोनों बार फेल हो गया। बार-बार की नाकामी ने उसके अंदर की उम्मीद तोड़ दी। मेहनत और सब्र छोड़कर, सूरज ने एक ऐसा शॉर्टकट चुना, जिसने उसकी जिंदगी की दिशा ही बदल डाली। उसने MBBS में दिव्यांग कोटे का फायदा उठाने के लिए खुद को हमेशा के लिए अपंग बनाने का फैसला कर लिया।

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झूठी वारदात की कहानी

17 जनवरी की रात सूरज अपने ही अधूरे मकान में गया। वहां उसने खुद के साथ कुछ ऐसा किया, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। अगले दिन उसके भाई आकाश ने पुलिस को बताया कि घर में कुछ अजनबी घुसे और सूरज पर बुरी तरह हमला किया, यहां तक कि उसके पैर का पंजा काट दिया। पुलिस को सूचना मिली, मामला गंभीर था, तुरंत जांच शुरू हुई। शुरू में सबको लगा कि ये कोई बड़ी वारदात है, मगर जैसे-जैसे जांच बढ़ी, पूरा मामला उलझता गया। सूरज के बयान एक जैसे नहीं थे, बार-बार बदल रहे थे, और उसके कहे में कई गड़बड़ियां सामने आ रही थीं। पुलिस को शक होने लगा कि कहानी में कुछ तो गड़बड़ है।

जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

अपर पुलिस अधीक्षक आयुष श्रीवास्तव ने सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता को जांच सौंपी। पूछताछ के दौरान सूरज के मोबाइल में एक लड़की का नंबर मिला। पुलिस ने उससे बात की, तो शक और गहरा गया। इसी दौरान सूरज की एक डायरी भी मिली, जिसमें उसने साफ-साफ लिखा था, “2026 में किसी भी हाल में MBBS डॉक्टर बनूंगा।” उसकी डायरी की ये लाइनें दिखा रही थीं कि वो नाकामी से कितना डर गया था। पुलिस ने आखिर पता लगा लिया कि सूरज ने खुद ही ये सब रचा, ताकि दिव्यांग कोटे से मेडिकल कॉलेज में सीट मिल सके।

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युवक का इलाज जारी

लाइन बाजार थाना प्रभारी सतीश सिंह के मुताबिक, सूरज का इलाज फिलहाल पार्थ अस्पताल में चल रहा है, हालत स्थिर है। लेकिन ये पूरी घटना हमारे सिस्टम, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रेशर और युवाओं की दिमागी हालत पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। पुलिस का कहना है कि सारे सबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है, ये बताती है कि असफलता का डर और समाज का दबाव किसे कितनी बड़ी गलती करने पर मजबूर कर सकता है।

Keywords: Jaunpur News, NEET Exam, MBBS Admission, Disability Quota Misuse, Uttar Pradesh Crime, Medical Admission Fraud

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