असम: असम के कोकराझार जिले में सोमवार की शाम एक छोटी सी गलतफहमी ने पूरा माहौल बदल दिया। करीगांव-गौरीनगर इलाके में एक स्कॉर्पियो गाड़ी को गांववालों ने रोका, शायद उन्हें शक था कि इसमें मवेशी चोरी हुई है या कोई सड़क हादसा हुआ है। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया। अफरा-तफरी में गाड़ी ने 25 साल के सुनील मुर्मू को टक्कर मार दी। सुनील की जान चली गई। इसके बाद भीड़ और भड़क गई, स्कॉर्पियो का पीछा किया, और वो गाड़ी भागते-भागते एक गड्ढे में गिर गई। उस गाड़ी में बैठा 30 साल का सिखना ज्व्हव्लाओ बिस्मिथ बसुमतारी, जिसे लोग राजा के नाम से जानते थे, उसकी भी मौत हो गई। इस पूरी घटना में चार लोग बुरी तरह से जख्मी हैं और उनका इलाज कोकराझार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। दो मौतों ने पूरे इलाके को हिला दिया है।
उपद्रवियों ने 40 से ज्यादा घरों को जलाया
मंगलवार सुबह इलाके में माहौल और गर्म हो गया। मृतकों के घरवाले और आसपास के लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने करीगांव पुलिस चौकी को घेर लिया, नेशनल हाइवे-27 जाम कर दिया। टायर जलाए, जमकर नारेबाजी हुई और कई घंटे तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा। इस बीच, कुछ उपद्रवियों ने गौरीगांव इलाके में 40 से ज्यादा घरों और कई दोपहिया गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। ये सब उस वक्त हुआ जब आदिवासी समाज का पारंपरिक त्योहार ‘सोहराय’ मनाया जा रहा था, तो माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया। हालात काबू में लाने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी।
राज्य में इंटरनेट बैन
जैसे-जैसे हालात बिगड़ते गए, सरकार ने कोकराझार में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया। अफवाहें ना फैलें, इसलिए ये कदम उठाया गया। वॉयस कॉल और ब्रॉडबैंड अभी चालू हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, जो फिलहाल दावोस में हैं, लगातार जिले के प्रशासन से बात कर रहे हैं। इलाके में CRPF की रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात है। जरूरत पड़ी तो सेना भी मदद करेगी। पुलिस अब तक 19 लोगों को पकड़ चुकी है, जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है, अभी फिलहाल कोई नई हिंसा नहीं हुई है।
Tension prevails in Karigaon area of Kokrajhar district after a youth was killed in a mob attack on suspicion of cattle theft. On Tuesday, hundreds of people blocked the NH at Karigaon, burning tyres and demanding immediate arrest of the accused.#AkashvaniVideo: Preetam pic.twitter.com/b7aHsMrB9d
— AIR News Guwahati (@airnews_ghy) January 20, 2026
प्रशासन ने की शांति की अपील
घटना पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन, बोडो साहित्य सभा और बाकी संगठनों ने दोषियों की फौरन गिरफ्तारी की मांग की। बीटीसी के चीफ हाग्रामा मोहिलारी ने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण गलतफहमी” कहा और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने शक जताया कि हो सकता है कोई तीसरी ताकत इलाके में शांति भंग करना चाहती हो। विधायक और समाज के नेता घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे, और भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा। प्रशासन साफ कह चुका है, इस घटना को सांप्रदायिक चश्मे से मत देखिए। 2020 के बोडो शांति समझौते के बाद से इस इलाके में सब कुछ ठीक चल रहा था, अब फिर पुराने जख्म ताजे हो गए हैं। फिलहाल, सिक्योरिटी फोर्स की सख्त निगरानी में हालात को काबू में लाने की कोशिशें चल रही हैं।
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