शनिवार तड़के अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर हमला किया। अमेरिकी सेना ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया जिसका DEA से एक इनसाइड वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मादुरो को जेल ले जाया जा रहा है। जिसके बाद वेनेज़ुएला के सुप्रीम कोर्ट ने मौजूद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में घोषित किया। डेल्सी रोड्रिगेज को मादुरो ने शेरनी भी बुलाया है। इस वक्त अमेरिका और वेनेज़ुएला के मौजूदा हालात देख जानकार इसे तीसरे विश्व युद्ध की ऐलान मान रहे है।
अगर ये तीसरे विश्व युद्ध का संकेत है तो दुनिया भर में तबाही मचना तय है। अगर मौजूदा हालात नहीं बदला तो ये भारत के हर सेक्टर को काफी बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। पॉइंटर्स में समझिये—
- इसका सीधा असर भारत के अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों से रिश्तों पर पड़ सकता है। भारत के लिए बैलेंस बनाना मुश्किल हो जाएगा, एक तरफ अमेरिका और दूसरी तरफ बाकी बड़ी ताकतें। साथ ही, भारत शायद अपनी ‘गैर-हस्तक्षेप’ नीति को भी फिर से देखे, क्योंकि अब हालात बदल चुके हैं।
- वेनेजुएला बड़ा तेल उत्पादक देश है। अगर वहां पर हमला होता है और हालात खराब होते हैं, तो तेल की सप्लाई गड़बड़ा जाएगी। भारत वैसे भी तेल का बड़ा खरीदार है, और तेल के दाम बढ़ते ही सीधा असर जेब पर पड़ेगा।
- तेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी, और सरकार के लिए आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में भारत को तेल के नए सप्लायर ढूंढने ही पड़ेंगे, वरना दिक्कतें बढ़ेंगी।
- हमले के बाद दुनिया में तेल का बाजार अस्थिर हो सकता है। भारत को अब तेल के नए सोर्स खोजने होंगे। सिर्फ वेनेजुएला ही नहीं, और भी तेल उत्पादक देशों से सप्लाई पक्की करनी होगी।
- भारत अब तक ज्यादातर मामलों में नूट्रल ही रहा है। लेकिन अगर अमेरिका हमला करता है, तो भारत के सामने दुविधा खड़ी हो जाएगी कि किसका साथ दें, या फिर अपनी नीति बदलें? इस सबका असर भारत की विदेश नीति पर पड़ेगा।
- भारत को अपनी संप्रभुता और आज़ादी बचाए रखने के लिए अब अपनी कूटनीति को नए सिरे से परिभाषित करना होगा, ताकि कोई भी बाहरी दबाव असर न डाले।
- अमेरिका के हमले के बाद वेनेजुएला में मानवीय संकट बढ़ सकता है, जिससे लाखों लोग शरणार्थी बनकर आसपास के देशों में जाएंगे। भारत को राहत और पुनर्वास के लिए संसाधन जुटाने होंगे, जिससे उसके संसाधनों पर दबाव पड़ेगा।
- भारत के लिए दक्षिण अमेरिकी देशों से मजबूत रिश्ते बनाए रखना जरूरी है। अगर इस इलाके में अशांति बढ़ती है, तो वहां भारत के लिए कूटनीतिक संतुलन बनाना और मुश्किल हो जाएगा। जिसका असर भारत की विदेश निति पर पड़ेगा।
- अगर अमेरिका हमला करता है, तो उस पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगेंगे ही। ऐसे में पूरी दुनिया भारत से जवाब मांगेगी क्यूंकि भारत हमेशा शांति और विकास की बात करता आया है, अब उसे खुलकर अपनी स्थिति बतानी होगी।
- अमेरिका-वेनेजुएला टकराव से दुनिया की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। रूस और चीन, जो भारत के करीब हैं, वेनेजुएला के साथ जा सकते हैं। ऐसे में भारत को अपनी सुरक्षा नीति फिर से देखनी होगी।
- अगर अमेरिका का हमला लंबा चलता है, तो वेनेजुएला में रह रहे भारतीयों की चिंता बढ़ जाएगी। वहां भारतीय समुदाय है और किसी भी गड़बड़ी से उनकी सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। सरकार को इन लोगों की मदद के लिए दूतावास और दूसरे कूटनीतिक रास्ते अपनाने पड़ेंगे।
अगर अमेरिका ने हमला किया, तो भारत के सामने कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी कई मुश्किलें आ जाएंगी। भारत को अपनी नीतियों और रणनीतियों में बदलाव करना ही होगा, नहीं तो हालात बिगड़ सकते हैं।
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