देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नशे के कारोबार की कमर तोड़ने का बीड़ा मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने उठाया है। इसके तहत पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार करने और जेल भेजने में जुटी है। मुंबई पुलिस ने साल 2025 में नशे के काले कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 1 जनवरी से 21 दिसंबर तक पुलिस ने 814 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक का ड्रग्स जब्त किया।
इस अभियान में सिर्फ ड्रग्स ही नहीं पकड़े गए, बल्कि उनसे जुड़े लोगों को भी बड़ी संख्या में गिरफ्तार किया गया। आंकड़ों पर नजर डालें:
- अरेस्ट किए गए आरोपियों की संख्या: 6,628
- दर्ज किए गए मामले: 7,372
31 दिसंबर की पार्टी में सप्लाई रोकने की तैयारी
पुलिस को इनपुट्स मिले थे कि इस साल के न्यू इयर पर बड़ी मात्रा में नशीले ड्रग्स का इस्तेमाल होने वाला है। इसके लिए एंटी नारकोटिक्स टीम अलर्ट पर रखी गई थी। जैसे-जैसे सूचना मिलती गई, टीम ने हर ठिकाने को निशाना बनाकर अपराधियों को दबोचा और ड्रग्स की खेप जब्त की।
मुंबई पुलिस ने 2025 में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग तस्करी की कमर तोड़ दी। 1 जनवरी से 21 दिसंबर तक कुल 814 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक के ड्रग्स जब्त किए गए। इस अभियान के दौरान कुल 7,372 मामले दर्ज किए गए और 6,628 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
Mumbai’s fight against drugs continued with full force in 2025. A total of 7,422 cases were registered across the city, leading to the seizure of drugs worth ₹814 crore and the arrest of 6,680 accused.
— मुंबई पोलीस Mumbai Police (@MumbaiPolice) December 29, 2025
The mission marches ahead with even greater strength in 2026 towards a… pic.twitter.com/rD6ziEqGUx
भारत में ड्रग तस्करी की स्थिति
- भारत की भौगोलिक स्थिति इसे नशीली दवाओं की तस्करी के लिए संवेदनशील बनाती है।
- भारत ‘डेथ क्रिसेंट’ अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान
- भारत में ‘डेथ ट्राएंगल’ म्यांमार, थाईलैंड, लाओस जैसे प्रमुख ड्रग उत्पादक क्षेत्रों के बीच स्थित है।
- पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी
- पूर्वोत्तर राज्य: म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी
- मुंबई, गुजरात, केरल और तमिलनाडु: सिंथेटिक ड्रग्स और उनके कच्चे माल की तस्करी के लिए प्रमुख मार्ग
भारत इन राज्यों में ड्रग्स की खपत
- केरल में ड्रग्स के मामलों का आंकड़ा (लोकसभा रिपोर्ट अनुसार):
- तीन साल के आंकड़े (12 मार्च को जारी):
- केरल: 85,000+ मामले (सबसे ऊपर)
- महाराष्ट्र: 35,000+ मामले (दूसरा)
- पंजाब: तीसरा
केरल में सबसे अधिक ड्रग्स की खपत
- 2016: 6,000 मामले
- 2017: 9,244 मामले
- 2018–2019: लगभग 9,000 मामले प्रति वर्ष
- 2020: घटकर ~5,000 मामले
तीन साल में तेजी से वृद्धि:
- 2022: 26,918 मामले (373% की वृद्धि)
- 2023: 30,715 मामले
- 2024: 27,701 मामले
गौरतलब है कि नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पूरे देश में पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। हालांकि अभी तक इस पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं पाया जा सका है, लेकिन सरकारी तंत्र और पुलिस लगातार नशा मुक्त भारत बनाने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए काम कर रहे हैं।
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