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चुनाव से पहले BMC की खुली पोल! मुंबई में सिर्फ 15% सड़कों का कार्य पूरा, 24 में से 17 वार्डों में अब भी काम बाकी

BMC चुनाव से पहले मुंबई की सड़कों का मुद्दा गर्माया है। बीएमसी के आंकड़े बताते हैं कि उपनगरों में कंक्रीटीकरण शहर से काफी बेहतर है, लेकिन 17 वार्ड अभी भी 50% प्रगति तक नहीं पहुंच पाए।

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मुंबई में बीएमसी चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे शहर की सड़कों की स्थिति एक बड़े चुनावी मुद्दे के रूप में उभर रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कंक्रीट सड़क बनाने का काम शहर के अलग-अलग हिस्सों में बराबर नहीं चल रहा। पश्चिमी उपनगरों में काम काफी तेज़ है, लेकिन आइलैंड सिटी और पूर्वी उपनगरों में हालात सुस्त हैं। बीएमसी के दावे कुछ और हैं, लेकिन 24 में से 17 वार्ड ऐसे हैं जहां अब तक आधा काम भी पूरा नहीं हुआ।

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आंकड़ों की हकीकत

बीएमसी कहती है कि पूरे शहर में 2,121 सड़कों पर कंक्रीटीकरण होना है। इनमें से सिर्फ 815 सड़कों पर काम पूरा हुआ है यानी कुल मिलाकर 38% प्रगति। करीब 625 सड़कों पर काम चल रहा है। 681 सड़कों पर तो अभी तक शुरुआत भी नहीं हुई। आइलैंड सिटी सबसे पीछे है वहां सिर्फ 15% सड़कों पर काम पूरा हुआ। जबकि पश्चिमी उपनगरों में यह आंकड़ा 53% से ऊपर है। पूर्वी उपनगरों में तो हाल और भी कमजोर है बस 24.6% सड़कों पर ही काम खत्म हुआ है।

पश्चिमी उपनगरों में दिखा विकास

पश्चिमी उपनगरों में दहिसर, बोरीवली और कांदिवली सबसे आगे हैं। दहिसर के आर नॉर्थ वार्ड में 68% सड़कों का काम हो चुका है। बोरीवली और कांदिवली के वार्ड्स में भी 60% से ज्यादा काम निपट गया है। यहां चौड़ी सड़कें हैं, ट्रैफिक भी थोड़ा संभला हुआ है, और वर्क ऑर्डर भी जल्दी मिले इसलिए काम तेजी से हुआ।

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आइलैंड सिटी को सुधार की जरुराण

अब आइलैंड सिटी की बात करें तो हालात परेशान करने वाले हैं। बायकुला के ई वार्ड में 54 सड़कों का कंक्रीटीकरण होना था, लेकिन सिर्फ एक सड़क पर काम पूरा हो सका। डी वार्ड (मालाबार हिल, ग्रांट रोड) जैसे वीआईपी इलाकों में भी सिर्फ 9% प्रगति। सी वार्ड (पायधोनी-कलबादेवी) की हालत भी इससे कुछ अलग नहीं। अधिकारी कहते हैं कि यहां वीआईपी मूवमेंट, ट्रैफिक की पाबंदियां और काम की लेट शुरुआत सब मिलकर रफ्तार थाम देते हैं।

पूर्वी उपनगरों में ठेकेदारों की दिखी सुस्ती

पूर्वी उपनगरों की तस्वीर भी उम्मीद से उलटी है। एम ईस्ट वार्ड (देवनार-गोवंडी) में सिर्फ 10% काम निपटा है। घाटकोपर और मुलुंड में भी हालात कुछ खास नहीं 15% से 23% के बीच ही काम पूरा हुआ है। बीएमसी अधिकारियों ने कई ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया है, क्योंकि उनका काम बहुत धीमा है। ठेकेदारों ने अपील की है, जिससे काम और लटक गया है।

क्या है देरी के पीछे वजह?

बीएमसी कहती है, देरी की वजहें बहुत सी हैं। आइलैंड सिटी में वर्क ऑर्डर एक साल बाद जारी हुए। फिर मानसून में खुदाई या ट्रेंचिंग जैसी चीज़ें मुमकिन नहीं होतीं। ऊपर से सड़क के नीचे बिजली, टेलीफोन, फाइबर केबल जैसी यूटिलिटी लाइनें भी हैं, तो काम बिना गलती के करना पड़ता है। कई ठेकेदार नए हैं, उन्हें मुंबई जैसे शहर में काम करने का अनुभव भी नहीं है। ऐसे में चुनाव से पहले गड्ढामुक्त सड़कें बना पाना बीएमसी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

Keywords: BMC Elections 2026, Mumbai Road Concretisation, Island City Roads, Western And Eastern Suburbs, Civic Infrastructure

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