केंद्र सरकार ने एक बार फिर सड़क और परिवहन ढांचे को आर्थिक विकास का आधार बनाते हुए बड़े फैसले लिए हैं। बुधवार को हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की बैठक (CCEA) में दो अहम नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल गई। इन दोनों पर करीब 20,668 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जब सड़कें बेहतर होंगी तो सफर भी आसान होगा और कारोबार, उद्योग, रोजगार हर जगह नए मौके मिलेंगे। ये फैसला पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तेज, मॉडर्न और जुड़ा हुआ ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
19,142 करोड़ का नासिक–सोलापुर–अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
कैबिनेट ने महाराष्ट्र में 374 किलोमीटर लंबे नासिक–सोलापुर–अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इसकी लागत 19,142 करोड़ रुपये तय हुई है और ये प्रोजेक्ट BOT (टोल) मोड पर बनेगा। इस कॉरिडोर से नासिक, अहिल्यानगर और सोलापुर जैसे बड़े शहर सीधा जुड़ेंगे और आगे इनका लिंक आंध्र प्रदेश के कुरनूल से बनेगा। ये नया हाइवे दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग जैसे बड़े नेटवर्क से कनेक्ट होगा, जिससे वेस्ट इंडिया से साउथ इंडिया तक जाना-आना काफी आसान हो जाएगा।
17 घंटे की बचत और लॉजिस्टिक्स को फायदा
बता दें, ये नया 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर सफर और दूरी दोनों में जबरदस्त कटौती करेगा। उम्मीद है, पूरा रूट शुरू होते ही ट्रैवल टाइम करीब 17 घंटे घट जाएगा और रास्ता भी 201 किलोमीटर कम हो जाएगा। इससे चेन्नई पोर्ट से महाराष्ट्र बॉर्डर तक पहले से बन रहे कॉरिडोर को मजबूती मिलेगी। NICDC के कोप्पार्थी और ओरवाकल इंडस्ट्रियल नोड्स तक सामान पहुंचाना भी तेज और सस्ता होगा। कुल मिलाकर, लॉजिस्टिक्स अब और स्मार्ट और एफिशिएंट चलेगा।
महाराष्ट्र के चार जिलों में तेज़ी से विकास
ये हाई-स्पीड कॉरिडोर नासिक, अहिल्यानगर, धाराशिव और सोलापुर इन चार जिलों के सोशल और इकोनॉमिक डेवलपमेंट में बड़ा रोल निभाएगा। नासिक–तलेगांव दिघे वाला हिस्सा खास तौर पर पुणे–नासिक एक्सप्रेसवे के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इस रूट की डिजाइन स्पीड 100 किमी प्रति घंटा है, और औसतन 60 किमी प्रति घंटे की सेफ स्पीड मिलेगी। बेहतर रोड सेफ्टी, कम ट्रैफिक और फ्यूल सेविंग इन सबका फायदा न सिर्फ यात्रियों को, बल्कि ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री को भी मिलेगा।
रोजगार और लोकल इकोनॉमी को मिलेगा बूस्ट
इस प्रोजेक्ट से करीब 251 लाख मैन-डे का डायरेक्ट और 313 लाख मैन-डे का इनडायरेक्ट रोजगार मिलेगा। कंस्ट्रक्शन के दौरान और बाद में होटल, ढाबे, सर्विस सेंटर, गोदाम, छोटे बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। लोकल युवाओं को काम मिलेगा और इलाके में इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ेगी। कनेक्टिविटी सुधरने से किसानों और इंडस्ट्री के प्रोडक्ट्स को मार्केट तक पहुंचना भी काफी आसान होगा।
ओडिशा में NH-326 का अपग्रेड से दक्षिण जिलों को मिलेगी राहत
कैबिनेट ने ओडिशा के NH-326 पर 68.6 किमी से 311.7 किमी के हिस्से को मजबूती के साथ 2-लेन (पक्के शोल्डर वाली) सड़क में बदलने का फैसला लिया है। ये प्रोजेक्ट EPC मोड पर बनेगा और इसकी कुल लागत 1,526.21 करोड़ रुपये है। पूरा होते ही गजपति, रायगड़ा और कोरापुट जैसे साउथ ओडिशा के जिलों में सफर और ज्यादा सेफ और भरोसेमंद हो जाएगा। बढ़िया सड़क से लोकल कम्युनिटी, इंडस्ट्री, स्कूल–कॉलेज और टूरिस्ट प्लेसेस सबको फायदा मिलेगा। हेल्थ, मार्केट और रोजगार तक पहुंच अब और आसान होगी।
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