पूरी दुनिया में क्रिसमस का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली स्थित कैथेड्रल चर्च ऑफ़ द रिडेम्प्शन में ईसाई समुदाय के साथ प्रार्थना सभा में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत से बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर बिशप रेव्ह डॉ. पॉल स्वरूप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए विशेष प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “दिल्ली के कैथेड्रल चर्च ऑफ़ द रिडेम्प्शन में क्रिसमस की सुबह की प्रार्थना सभा में शामिल हुआ। यह सेवा प्रेम, शांति और करुणा के शाश्वत संदेश को दर्शाती है। क्रिसमस की भावना हमारे समाज में सद्भाव और सौहार्द को प्रेरित करे।”
May Christmas bring renewed hope, warmth and a shared commitment to kindness.
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2025
Here are highlights from the Christmas morning service at The Cathedral Church of the Redemption. pic.twitter.com/BzvKYQ8N0H
ईसाई समुदाय के कार्यक्रमों में लगातार शामिल होते रहे हैं पीएम मोदी
- पिछले कुछ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नियमित रूप से ईसाई समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं।
- ईस्टर 2023 के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
- क्रिसमस 2023 पर उन्होंने दिल्ली स्थित अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया था।
- 2024 में प्रधानमंत्री मोदी मंत्री जॉर्ज कुरियन के आवास पर आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुए।
- इसके अलावा, उन्होंने कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लिया।
क्यों 25 दिसंबर को मनाया जाता है क्रिसमस
क्रिसमस का त्योहार प्रभु यीशु मसीह के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। फादर गौरव के अनुसार, यीशु मसीह का जन्म इसलिए हुआ था ताकि वे पशु बलि की परंपरा को समाप्त कर मानवता के कल्याण के लिए स्वयं का बलिदान दे सकें।
शुरुआत में 25 दिसंबर को रोमन राजाओं के समय एक सामान्य उत्सव के रूप में मनाया जाता था। बाद में इसी दिन को यीशु मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।

