प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गोवा के श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ में 77 फुट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा अपने सौम्य, दिव्य और दृढ़ स्वरूप के कारण अयोध्या की श्रीराम मूर्ति से काफी मेल खाती है। भगवान राम के हाथ में धनुष-बाण और चेहरे पर शांत, विशाल भाव उनके आदर्श स्वरूप की झलक दिखाते हैं। यह कार्यक्रम मठ के 550वें वर्ष के ‘सार्ध पंचशताब्दी महोत्सव’ का हिस्सा है, जो 31 दिसंबर तक विविध धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया जाएगा—जिसमें राम नाम जप अभियान, भजनी सप्ताह, विशेष पूजा और 11 दिवसीय उत्सव शामिल हैं।
राम सुतार के मार्गदर्शन में बनी प्रतिमा
गोवा में स्थापित यह 77 फुट ऊंची प्रतिमा नोएडा के प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। राम सुतार वही कलाकार हैं जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा) डिजाइन की थी। प्रतिमा के पास रामायण थीम पार्क और राम संग्रहालय भी विकसित किया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में यह स्थान एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बन सके।
गोकर्ण पर्तगली मठ
- 1656 से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र
- इस मठ की स्थापना 1656 ईस्वी में श्री रामचंद्र तीर्थ ने की थी।
- मठ में भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण मुख्य देवता के रूप में पूजे जाते हैं।
- सारस्वत ब्राह्मण समुदाय के लिए यह मठ अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।
- देशभर में इस मठ की 33 शाखाएं स्थापित हैं।
अयोध्या से गोवा तक–राम भक्ति का निरंतर प्रवाह
कार्यक्रम के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 3 दिन पहले अयोध्या के भव्य राम मंदिर में ध्वजा स्थापित की थी और अब गोवा में भगवान श्रीराम की विशाल प्रतिमा का अनावरण किया है। यह पूरे देश में राम भक्ति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की धारा को एक नई दिशा देता है।
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