छठ पूजा, भारत के सबसे पुराने और पवित्र त्योहारों में से एक, अब दुनिया भर में अपनी पहचान बना रही है। सूर्य देव और छठी मैया की पूजा पर आधारित यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है, लेकिन अब इसकी आस्था सीमाओं से परे फैल चुकी है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक अफ्रीकी गायक का छठ गीत गाते हुए वीडियो वायरल हुआ, जिसने सभी का दिल जीत लिया। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर इस वीडियो को लाखों बार देखा गया है। भारतीय यूज़र्स ने इसे “आस्था की वैश्विक गूंज” बताया। कई लोगों ने लिखा कि यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की विजय यात्रा है। यह दिखाता है कि भक्ति और संगीत की भाषा हर दिल तक पहुँचती है, चाहे वह किसी भी देश की क्यों न हो।
अफ्रीकी कलाकार का वीडियो बना सांस्कृतिक पुल
अफ्रीका के एक अनजान गायक द्वारा गाए गए छठ गीत ने भारतीयों के दिलों को छू लिया है। उस कलाकार ने जिस भाव और श्रद्धा से यह गीत गाया, उसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। वीडियो वायरल होने के बाद लोग उसकी आवाज़ और भावनाओं की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत और अफ्रीका के बीच संस्कृति को जोड़ने वाला एक सुंदर पुल है। यह दिखाता है कि भक्ति और संगीत की भावना सीमाओं से परे है और सबको एक साथ जोड़ सकती है।
प्रवासी भारतीयों से दुनिया तक पहुंचा छठ महापर्व
छठ पूजा की परंपरा वैदिक काल तक जाती है और इसे ऋग्वेद में सूर्य उपासना से जोड़ा गया है। नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य जैसे चार चरणों वाला यह पर्व महिलाओं की श्रद्धा और तपस्या को दर्शाता है। आज यह केवल बिहार या भारत तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मॉरीशस, फिजी और गुयाना में प्रवासी भारतीय इसे मनाते हैं। मॉरीशस में 2024 में छठ पूजा पर राष्ट्रीय अवकाश भी घोषित किया गया था। दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया में बसे बिहारी समुदाय नदियों और समुद्र तटों पर इस पर्व का आयोजन करते हैं। इस तरह छठ पूजा अब भारतीयों के साथ-साथ विदेशों में भी सम्मान और जिज्ञासा का विषय बन चुकी है।
भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान का प्रतीक
अफ्रीकी गायक द्वारा गाया गया छठ गीत इस बात का सबूत है कि भारतीय संस्कृति अब दुनिया के संवाद का हिस्सा बन चुकी है। संगीत और सोशल मीडिया ने इस परंपरा को नई ऊंचाई दी है। यह केवल एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि संस्कृति, भक्ति और मानवता की साझा कहानी है। जब किसी विदेशी की आवाज़ में छठी मैया का गीत सुनाई देता है, तो यह सिर्फ भक्ति नहीं, यह भारत की आत्मा की गूंज है। छठ पूजा अब केवल व्रत या अर्घ्य नहीं रही, बल्कि यह भारत की पहचान, गर्व और एकता का प्रतीक बन चुकी है।
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