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छठ महापर्व से लेकर ‘गार्बेज कैफे’ तक, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड में उठाये ये बड़े मुद्दे

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड में छठ की शुभकामनाएं दी और स्वदेशी उत्पाद, पर्यावरण संरक्षण व सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण की शुरुआत छठ महापर्व की शुभकामनाओं के साथ की। उन्होंने कहा कि छठ सिर्फ आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, प्रकृति और समाज की एकता का प्रतीक है। पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि वे अपने आस-पास छठ पूजा के आयोजन को देखें, क्योंकि यह भारतीय संस्कृति की सादगी और सामूहिक भावना को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि छठ पर्व में सूर्य की उपासना के साथ-साथ जल, भूमि और पर्यावरण के प्रति सम्मान का भाव भी शामिल है।

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इस कार्यक्रम को बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत कई कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से सुना। इससे यह साफ हो गया कि ‘मन की बात’ केवल एक संवाद नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय भावना और एकता का प्रतीक बन चुका है, जो लोगों को जोड़ता है और देशभक्ति की भावना जगाता है।

स्वदेशी खरीदारी और त्योहारों में आर्थिक सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार त्योहारों के मौसम में बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि जीएसटी बचत उत्सव और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी में लोगों की बढ़ती भागीदारी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि उन्होंने पहले खाद्य तेल की खपत में 10% कमी करने का आग्रह किया था, जिस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया और बताया कि यह मिशन भारत की नई शक्ति और संवेदनशीलता का प्रतीक है। इस अभियान ने उन क्षेत्रों में भी उम्मीद और शांति का संदेश पहुंचाया है, जहां कभी माओवादी हिंसा का असर था। पीएम मोदी ने यह बताया कि सरकार की पहलें न केवल आर्थिक मजबूती बढ़ा रही हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत कर रही हैं।

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गार्बेज कैफे’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ की मिसाल

प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की तारीफ की और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ का उदाहरण दिया, जहां लोग प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण है। पीएम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की भी चर्चा की और हर नागरिक से पेड़ लगाने का आग्रह किया। उन्होंने गुजरात के धोलेरा में 3,500 हेक्टेयर में फैले मैंग्रोव और बेंगलुरु के इंजीनियर कपिल शर्मा द्वारा 40 कुओं और 6 झीलों को पुनर्जीवित करने के काम को प्रेरणादायक बताया।

सरदार पटेल की प्रेरणा और स्वदेशी गौरव का सम्मान

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर याद किया और कहा कि उनका जीवन सुशासन और एकता की प्रेरणा देता है। उन्होंने 31 अक्टूबर को होने वाली ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने का आह्वान किया, जिसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने भारतीय नस्ल के कुत्तों जैसे मुधोल हाउंड और रामपुर हाउंड को बढ़ावा देने का उल्लेख किया और ‘रिया’ नाम की मुधोल हाउंड के पुरस्कार जीतने को स्वदेशी गौरव का उदाहरण बताया। अंत में, उन्होंने ओडिशा की कोरापुट कॉफी और भारतीय कॉफी की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता पर गर्व जताया और देश के किसानों व उद्यमियों की सराहना की।

Keywords: Mann Ki Baat 127, Chhath Puja 2025, Garbage Cafe, Operation Sindoor, Vocal For Loca

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