भाद्रपद मास हिंदू पंचांग में अत्यंत पवित्र और धार्मिक दृष्टि से खास माना जाता है। हरतालिका तीज के ठीक दूसरे दिन 27 अगस्त को भगवान श्री गणेश का आगमन होगा, जिसे लेकर देशभर में, खासकर महाराष्ट्र में तैयारियां जोरों पर है।
जानकारी हो कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। ये दिन 10 दिवसीय गणेश महोत्सव की शुरुआत भी करता है। भक्त हर साल बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ गणपति बप्पा को अपने घर लाते हैं और विधिवत पूजा करते हैं।
तो अगर आप भी गणपति बाप्पा को अपने घर, या अपने पांडाल में लाने की योजना बना रहे हैं, तो गणेश स्थापना से पहले इस बातों का रखें खास ध्यान –
मूर्ति चयन: भगवान गणेश की बाईं ओर मुड़ी हुई सूंड वाली प्रतिमा को अत्यंत शुभ माना जाता है।
बैठी हुई प्रतिमा: सुख-समृद्धि के लिए बैठे हुए स्वरूप की प्रतिमा लाएं।
हाव-भाव: प्रतिमा में एक हाथ आशीर्वाद मुद्रा में और दूसरे में मोदक होना चाहिए।
गणपति बप्पा की स्थापना विधि
प्रतिमा को ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में रखें, मुख उत्तर दिशा की ओर हो।
चौकी को गंगाजल से शुद्ध करें, लाल कपड़ा बिछाकर उस पर अक्षत रखें।
शुद्ध हाथों से बप्पा को चौकी पर स्थापित करें।
गंगाजल से भगवान गणेश का स्नान कराएं।
प्रतिमा के पास रिद्धि-सिद्धि स्थापित करें या उनके प्रतीक के रूप में सुपारी रखें।
दाईं ओर जल से भरा कलश रखें।
फूल और अक्षत लेकर बप्पा का ध्यान करें।
भोग में फल, फूल और मिठाई अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें और आरती उतारें।
गणेश चतुर्थी 2025 कब है?
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 26 अगस्त 2025 को दोपहर 1:54 बजे होगा और समापन 27 अगस्त 2025 को दोपहर 3:44 बजे होगा।
उदयातिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा।
गणेश चतुर्थी 2025 का शुभ मुहूर्त
इस वर्ष गणेश पूजा का शुभ समय 27 अगस्त 2025 को सुबह 11:05 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक रहेगा। इस दौरान गणपति स्थापना और पूजा का विशेष महत्व है।
गणेश विसर्जन 2025
गणेश उत्सव का समापन 6 सितंबर 2025 (शनिवार) को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा, जब भक्त ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ बप्पा को विदा करेंगे।
इस गणेश चतुर्थी पर सही विधि और श्रद्धा के साथ बप्पा को घर लाएं और उनका आशीर्वाद पाएं।
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