बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। आरजेडी और उसके सहयोगी दलों पर मुस्लिमों को टिकट देने में भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है। राज्य में 17.7 प्रतिशत मुस्लिम आबादी होने के बावजूद, आरजेडी ने केवल 18 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने 10 टिकट दिए हैं। बीजेपी ने किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया, वहीं जेडीयू ने चार और चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) ने एक मुस्लिम उम्मीदवार को मौका दिया है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पहले 40 मुस्लिम उम्मीदवारों को उतारने का वादा किया था, लेकिन अंततः केवल 21 को टिकट दिया गया। इसको लेकर विपक्षी दलों में असंतोष की लहर है और मुस्लिम समुदाय में प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
चिराग पासवान का आरजेडी पर हमला
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर आरजेडी को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “2005 में मेरे पिता रामविलास पासवान जी ने मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपनी पार्टी तक की कुर्बानी दे दी थी, लेकिन आरजेडी ने तब भी उनका साथ नहीं दिया। आज 2025 में भी वही हाल है, ना मुस्लिम मुख्यमंत्री और ना ही डिप्टी सीएम।”
2005 में मेरे नेता मेरे पिता स्व. रामविलास पासवान जी ने मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपनी पार्टी तक कुर्बान कर दी थी – तब भी आपने उनका साथ नहीं दिया।
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) October 25, 2025
राजद 2005 में भी मुस्लिम मुख्यमंत्री के लिए तैयार नहीं था, आज 2025 में भी न मुस्लिम मुख्यमंत्री देने को तैयार है, न…
तेजस्वी यादव ने दिए संकेत, जानकारों ने बताया सियासी संतुलन
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि मुस्लिम को डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। इसे पार्टी के भीतर मुस्लिम प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के पूर्व प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, 1989 के भागलपुर दंगे और राम रथ यात्रा के दौरान कांग्रेस की असफलता के बाद मुस्लिमों ने कांग्रेस से दूरी बनाई। तब लालू प्रसाद यादव ने आरजेडी को मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण के रूप में पेश किया और मुस्लिम वोटर जुड़े। अब नई पीढ़ी के मुस्लिम मतदाता आरजेडी और अन्य दलों से समान प्रतिनिधित्व की उम्मीद कर रहे हैं।
‘धर्म से ज़्यादा लोकतंत्र की रक्षा ज़रूरी’ : कांग्रेस
कांग्रेस नेता अली अनवर ने इस विवाद पर कहा कि मुस्लिम समाज टिकटों की संख्या पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर मतदान करेगा। उन्होंने कहा, “अगर एनडीए फिर से सत्ता में आता है तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा और तानाशाही स्थापित हो जाएगी। इसलिए मुस्लिम समुदाय INDIA गठबंधन के साथ रहेगा।”
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