बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर उत्साह बढ़ गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक पहले चरण के चुनाव के लिए उम्मीदवार शुक्रवार से अपने नामांकन दाखिल कर सकते हैं। यह चुनाव राज्य के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इस बार कई नए चेहरे मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। आयोग ने सभी जिलों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी की जाएं।
इस बार राज्य में दो चरणों में मतदान होंगे, पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को। मतगणना की तारीख 14 नवंबर तय की गई है। राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं, वहीं प्रशासन सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में जुटा है।
बिना वोटर आईडी कार्ड के भी संभव होगा मतदान
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को राहत देते हुए कहा है कि जिन लोगों के पास वोटर आईडी कार्ड (EPIC) नहीं है, वे भी निराश न हों। अगर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल है, तो वे 12 वैकल्पिक फोटो पहचान-पत्रों में से किसी एक के जरिए मतदान कर सकते हैं। आयोग ने दावा किया है कि बिहार की लगभग सभी विधानसभा सीटों पर करीब 100 प्रतिशत मतदाताओं को वोटर फोटो पहचान-पत्र जारी किए जा चुके हैं। वहीं, जिन नए मतदाताओं के नाम हाल ही में सूची में जोड़े गए हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर उनके EPIC कार्ड दिए जाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। यह कदम मतदान प्रक्रिया को और आसान और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अहम पहल है।
12 वैकल्पिक पहचानपत्र में शामिल हैं-
- 1) आधार कार्ड
- 2) पैन कार्ड
- 3) ड्राइविंग लाइसेंस
- 4) बैंक और डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक
- 5) श्रम मंत्रालय की स्कीम के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड
- 6) मनरेगा जॉब कार्ड
- 7) भारतीय पासपोर्ट
- 8) एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड
- 9) केंद्र राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्र
- 10) फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
- 11) सांसदों/विधायकों/विधान परिषद के सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान-पत्र
- 12) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी विशिष्ट निःशक्तता आईडी (यूडीआईडी) कार्ड
बुर्का पहननेवाली महिलाओं के लिए खास व्यवस्था
बुर्का या पर्दा पहनने वाली महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि ऐसे मतदान केंद्रों पर महिला मतदान कर्मियों की उपस्थिति में महिलाओं की पहचान की जाएगी, ताकि उनकी गोपनीयता और गरिमा बनी रहे। आयोग का यह कदम महिलाओं को मतदान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा, खासकर उन इलाकों में जहां सामाजिक या धार्मिक परंपराओं के कारण महिलाएं अब तक मतदान से दूर रही हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता को उसके परिधान या परंपरा के आधार पर भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। चुनाव प्रक्रिया में सभी मतदाताओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है।
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में कदम
बिहार विधानसभा चुनाव इस बार केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति नागरिकों की जागरूकता की परीक्षा भी होगा। चुनाव आयोग ने जहां एक ओर हर मतदाता तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, वहीं दूसरी ओर मतदान केंद्रों पर सभी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए तैयारी तेज़ कर दी गई है। इस बार आयोग का फोकस “हर वोट मायने रखता है” की भावना को ज़मीन पर उतारने पर है। चाहे बुर्का पहनने वाली महिला मतदाता हों या फिर जिनके पास वोटर आईडी न हो, आयोग ने सभी के लिए मतदान का रास्ता आसान बनाया है। यह पहल न सिर्फ लोकतंत्र की मजबूती की ओर एक कदम है, बल्कि मतदाता अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक भी है।
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