पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में वांछित भारतीय व्यवसायी मेहुल चोकसी को बेल्जियम से भारत प्रत्यर्पित किए जाने पर हिरासत में लिया जाएगा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आश्वासनों में प्रत्यर्पण कार्यवाही में उठाए गए मानवाधिकारों की चिंताओं को दूर करने के मकसद से अपनी पूरी बातें स्पष्ट कर दी है।
भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित कराने के लिए सरकार ने एड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। सरकार ने बेल्जियम को लिखित तौर पर बता दिया है कि चोकसी के प्रत्यर्पण के बाद सभी जरूरी मानकों का पालन किया जाएगा और उस पर भारतीय कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। भारत सरकार ने बेल्जियम के न्याय मंत्रालय और न्यायिक अधिकारियों को एक आश्वासन पत्र दे दिया है। इसमें उन शर्तों का विवरण दिया गया है।
मानवाधिकारों की चिंताओं को दूर करने के मकसद से चिकित्सा और सुरक्षा उपाय निर्धारित किए गए हैं। इन आश्वासनों के लिए महाराष्ट्र सरकार और जेल अधिकारियों से भी परामर्श लिया गया था। यह आश्वासन केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक मामले में मेहुल चोकसी के आत्मसमर्पण के भारत के अनुरोध के संबंध में पेश किए गए हैं।
भारतीय कानून संहिता के तहत कई धाराओं में मेहुल चोकसी पर मामला बन रहा है। भारतीय कानून संहिता के अनुसार आईपीसी की धारा 120-बी, 409, 420, 477ए और 201 शामिल हैं।
बताते चलें की भारतीय अधिकारियों के अनुरोध के बाद मेहुल चोकसी को अप्रैल में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। उनका भतीजा नीरव मोदी भी पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं।
इधर भारत ने प्रत्यर्पण के बाद मेहुल चोकसी को रखे जाने बाले स्थान की जनकारी देते हुए स्पष्ट किया है की मुंबई के आर्थर रोड जेल में बैरक नंबर 12 को इसके लिए व्यवस्थित किया है। साथ ही साथ यह भी पत्र के माध्यम से बताया गया है की मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए कई गारंटी दी गई है। बताया गया है की बैरक संख्या 12 में अधिकतम छह लोगों को रखे जाने की क्षमता है,जो फिलहाल खाली है।
भारत सरकार ने बेल्जियम के अधिकारियों को आश्वासन दिया है कि अगर मेहुल चोकसी को पीएनबी धोखाधड़ी मामले में भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो उसे मानवीय हिरासत में रखा जाएगा। मुंबई की आर्थर रोड जेल में सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवा प्रावधानों का विवरण देते हुए दिए गए इन आश्वासनों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों को पूरा करना है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने बेल्जियम के न्यायिक अधिकारियों को एक पत्र के माध्यम से भारतीय व्यवसायी मेहुल चोकसी को हिरासत में रखने की शर्तों के बारे में औपचारिक आश्वासन दिया है, अगर उसे बेल्जियम से भारत प्रत्यर्पित किया जाता है।
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