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बच्चों को बुखार है? पैरासिटामोल देने से पहले जानें ये 5 जरूरी बातें

बच्चों को बुखार में पैरासिटामोल देना आम है, लेकिन सही तरीके से देना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह से डोज, दवा का प्रकार और ताजगी का ध्यान रखें ताकि बच्चे की सेहत सुरक्षित रहे।

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बच्चों को बुखार होना आम बात है, और ऐसे में माता-पिता अक्सर पैरासिटामोल दवा का इस्तेमाल करते हैं। यह दवा बच्चों का तापमान कम करने में सुरक्षित और असरदार मानी जाती है। लेकिन इसे सही तरीके से देना बहुत जरूरी है, वरना गलत डोज या पुरानी दवा से नुकसान हो सकता है। बच्चों के डॉक्टर सांची रस्तोगी ने हाल ही में पैरासिटामोल देने की पांच जरूरी बातें साझा की हैं। ये बातें हर माता-पिता को पता होनी चाहिए ताकि बच्चे की सेहत का ध्यान रखा जा सके।

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पैरासिटामोल कितनी सुरक्षित है?

पैरासिटामोल, जिसे एसिटामिनोफेन भी कहते हैं, बच्चों में बुखार कम करने के लिए सबसे सुरक्षित दवा मानी जाती है। डॉक्टर सांची बताती हैं कि यह दवा आमतौर पर बुखार और हल्के दर्द में दी जाती है। लेकिन बच्चों को कभी भी एस्पिरिन जैसी दवाएं नहीं देनी चाहिए। खासकर वायरल बीमारी के दौरान एस्पिरिन लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए हमेशा पैरासिटामोल का ही इस्तेमाल करें, लेकिन डॉक्टर की सलाह से।

सही डोज का रखें ध्यान

पैरासिटामोल की मात्रा बच्चे के वजन के हिसाब से तय होती है, न कि उम्र के। जैसे, अगर दो बच्चे दो साल के हैं, लेकिन एक का वजन 8 किलो और दूसरे का 12 किलो है, तो दोनों को अलग-अलग डोज देनी होगी। सामान्य तौर पर 10-15 मिलीग्राम प्रति किलो वजन के हिसाब से हर 6 घंटे में दवा दी जाती है। उदाहरण के लिए, 10 किलो वजन वाले बच्चे को 100-150 मिलीग्राम की डोज दी जा सकती है। डोज तय करने के लिए हमेशा डॉक्टर से पूछें।

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ड्रॉप्स और सिरप में अंतर समझें

पैरासिटामोल बाजार में सिरप और ड्रॉप्स के रूप में मिलती है। ड्रॉप्स ज्यादा गाढ़ी होती हैं, यानी 1 मिलीलीटर ड्रॉप्स में 100 मिलीग्राम दवा हो सकती है, जबकि सिरप में 1 मिलीलीटर में 25 या 50 मिलीग्राम। इसलिए दवा की बोतल का लेबल ध्यान से पढ़ें। गलत मात्रा देने से बच्चे को नुकसान हो सकता है। डॉक्टर सलाह देती हैं कि सही माप के लिए ड्रॉपर या मेजरिंग कप का इस्तेमाल करें, चम्मच से अनुमान न लगाएं।

कॉम्बिनेशन दवाओं से बचें

कई बार पैरासिटामोल को दूसरी दवाओं जैसे इबुप्रोफेन या मेफेनामिक एसिड के साथ मिलाकर दिया जाता है। ऐसी दवाएं बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के न दें। ये कॉम्बिनेशन दवाएं बुखार तो कम कर सकती हैं, लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। हमेशा सिंगल दवा यानी सिर्फ पैरासिटामोल का इस्तेमाल करें।

पुरानी दवा का इस्तेमाल न करें

कई बार माता-पिता घर में रखी पुरानी पैरासिटामोल की बोतल का इस्तेमाल कर लेते हैं। लेकिन डॉक्टर सांची बताती हैं कि पुरानी या लंबे समय से खुली दवा का असर कम हो सकता है। ऐसी दवा देने से बुखार ठीक नहीं होगा और बच्चे की हालत बिगड़ सकती है। हमेशा नई और ताजा दवा की बोतल का इस्तेमाल करें और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें।

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