US Iran Peace Talks in Pakistan: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की अहम बातचीत से पहले हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंच चुके हैं, लेकिन ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उसकी दो मुख्य शर्तें पूरी नहीं की गईं तो वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी। इस सख्त रुख के कारण शांति वार्ता के सफल होने पर सवाल उठने लगे हैं। ईरान की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ कर रहे हैं, जो पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में हैं।
ईरान ने सामने रखी 2 शर्तें
ईरान ने शांति वार्ता में भाग लेने के लिए दो अहम शर्तें रखी हैं।
- लेबनान और इजरायल के बीच पूरी तरह से युद्धविराम लागू किया जाए।
- ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को तुरंत जारी किया जाए।
ईरान का कहना है कि इन शर्तों के बिना किसी भी तरह की आगे की बातचीत का कोई अर्थ नहीं है।
गालिबाफ का बयान: ‘अमेरिका पर भरोसा नहीं’
इस्लामाबाद पहुंचने पर ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका पर भरोसा न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले की बातचीत में ईरान की सकारात्मक सोच के बावजूद उन पर हमले किए गए और हालात युद्ध जैसे बन गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, गालिबाफ ने कहा कि उनकी मंशा अच्छी है, लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वार्ता के दौरान ईरान के खिलाफ कार्रवाई हुई और गंभीर युद्ध अपराध जैसे कदम उठाए गए।
गालिबाफ का सख्त संदेश
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में समझौता चाहता है और ईरान के अधिकारों को स्वीकार करता है, तो ईरान बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन अगर यह वार्ता सिर्फ दबाव बनाने या धोखे की रणनीति है, तो ईरान अपने हितों की पूरी मजबूती से रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों में ईरान की जवाबी कार्रवाई इसका प्रमाण है कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है। गालिबाफ ने साफ किया कि बिना शर्तों को माने किसी भी आगे की बातचीत की संभावना नहीं है।
इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
इस्लामाबाद में होने वाली इस महत्वपूर्ण वार्ता को देखते हुए पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुका है। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर भी मौजूद हैं।
Keywords: US Iran Peace Talks, Iran Conditions On US Negotiations, Mohammad Baqer Ghalibaf Statement

