विश्व शतरंज चैंपियन डी गुकेश ने अमेरिका के सेंट लुईस में आयोजित क्लच चेस चैंपियंस शोडाउन 2025 में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा को रैपिड फॉर्मेट में हराकर मिनी मैच अपने नाम कर लिया है। यह जीत सिर्फ एक मुकाबले की नहीं थी, बल्कि यह उस बहुचर्चित ‘किंग थ्रो’ विवाद का एक शालीन और शानदार जवाब भी थी जिसने कुछ हफ्ते पहले शतरंज जगत को हिला दिया था।
गुकेश ने शालीनता से जीता दिल
गुकेश ने राउंड 2 के पहले गेम में काले मोहरों से खेलते हुए शानदार रणनीति के साथ जीत दर्ज की। मैच जीतने के बाद, सभी की नजरें उनके रिएक्शन पर थीं। लेकिन गुकेश ने अपनी भावनाओं पर पूरी तरह काबू रखा और शांति से बोर्ड को रीसेट किया, मोहरों को उनकी जगह पर रखा और नाकामुरा से हाथ मिलाया। उनकी इस प्रतिक्रिया ने प्रशंसकों का दिल जीत लिया, जिन्होंने इसे ‘खेल भावना की मिसाल’ बताया।सोशल मीडिया पर भी गुकेश के इस शालीन व्यवहार का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या था ‘किंग थ्रो’ विवाद?
यह विवाद कुछ समय पहले ‘चेकमेट: भारत बनाम अमेरिका’ प्रदर्शनी इवेंट के दौरान शुरू हुआ था। उस मुकाबले में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हिकारु नाकामुरा ने डी गुकेश को हराने के बाद उनके राजा के मोहरे को उठाकर दर्शकों की ओर फेंक दिया था। नाकामुरा के इस निंदनीय कदम से सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना और चर्चा का तूफान खड़ा हो गया था।
हालांकि, बाद में यह रिपोर्ट सामने आई कि राजा के मोहरे को फेंकने की हरकत आयोजकों द्वारा पहले से ही योजना बनाई गई थी और यह केवल शो एवं मनोरंजन के लिए था।
प्रसिद्ध शतरंज विशेषज्ञ लेवी रोजमन ने बताया था कि आयोजकों ने उन्हें यह करने के लिए प्रोत्साहित किया था ताकि दर्शकों में उत्साह बना रहे। बाद में, नाकामुरा ने गुकेश से बात करके स्पष्ट किया कि यह केवल शो के लिए था और इसमें कोई अपमान की भावना नहीं थी। गुकेश ने अपनी हालिया जीत के बाद सम्मानजनक प्रतिक्रिया देकर, इस विवाद पर एक पेशेवर और शालीन विराम लगा दिया है।
Keywords – DGukesh, HikaruNakamura, ChessShowdown, KingThrowControversy, WorldChessChampion

