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नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी सुखदेव यादव की सड़क हादसे में मौत, 20 साल बाद जेल से बाहर आया था

बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी अपराधी सुखदेव यादव की जिंदगी सड़क हादसे में खत्म हो गई, पुलिस कार ड्राइवर की तलाश कर रही है और जाँच जारी है।

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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में हुए एक भयानक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। मंगलवार की रात करीब 10 बजे तमकुही रोड इलाके में एक बहुत तेज रफ्तार कार ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक पर सवार 55 साल के सुखदेव यादव की मौके पर ही जान चली गई। बाइक पर उनके साथ रहे दो और लोग, विजय गुप्ता और भगवत सिंह, बुरी तरह जख्मी हो गए हैं और उन्हें फौरन पास के अस्पताल ले जाया गया। कार चलाने वाला व्यक्ति दुर्घटना के बाद गाड़ी लेकर फरार हो गया लेकिन पुलिस ने अभी तक उसे पकड़ा नहीं है, फिर भी जाँच बहुत तेजी से चल रही है।

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सुखदेव यादव जिनका नाम एक बड़े केस से जुड़ा था

सुखदेव यादव, जिन्हें लोग पहलवान के नाम से भी जानते थे, कुशीनगर के तरुवनवा गांव के रहने वाले थे। वे कभी कुश्ती के शौकीन थे और अपने गांव में उनकी अच्छी पहचान थी, लेकिन बुरी संगत में पड़ने से उनकी पूरी जिंदगी बदल गई। वे गाजियाबाद चले गए और वहां साल 2002 में हुए नीतीश कटारा हत्याकांड में उनका नाम आया था, यह एक ऐसा मामला था जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा था। उस वक्त वे बाहुबली नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव और भतीजे विशाल यादव के साथ थे। कोर्ट ने उन्हें बीस साल की जेल की सजा सुनाई थी और वे अपनी पूरी सजा काटकर जून 2025 में जेल से बाहर आए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी रिहाई को मंजूरी दी थी और रिहा होने के सिर्फ चार महीने बाद ही उनकी जिंदगी इस हादसे में खत्म हो गई।

2002 का वह काला कांड जो आज भी याद है

16 फरवरी 2002 की रात गाजियाबाद में एक शादी की पार्टी चल रही थी जहां इंजीनियरिंग के स्टूडेंट नीतीश कटारा भी आए हुए थे। उसी रात विकास यादव और उसके साथियों ने मिलकर नीतीश को जबरदस्ती वहां से उठा लिया था। कुछ समय बाद नीतीश का जला हुआ शव बरामद हुआ था। हत्या की वजह प्रेम संबंध बताई गई थी, दरअसल नीतीश का विकास की बहन भारती से अफेयर था जो विकास के परिवार को बिल्कुल भी मंजूर नहीं था। इस ऑनर किलिंग यानी इज्जत के नाम पर हुई हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। कोर्ट ने विकास और विशाल को पच्चीस साल की सजा दी थी और सुखदेव को बीस साल की सजा सुनाई गई थी। इस केस में न्याय मिलने में काफी लंबा वक्त लगा और यह केस सालों तक कोर्ट में चलता रहा।

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गांव में मातम और पुलिस की कार्रवाई

यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब सुखदेव यादव अपने रिश्तेदारों के घर से लौट रहे थे। इस हादसे के बाद सुखदेव के परिवार वाले सदमे में हैं और पूरे गांव में मातम का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और जो दो लोग जख्मी हुए हैं उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सुखदेव का नाम इतने बड़े और पुराने केस से जुड़ा था इसलिए इलाके के लोग इस घटना पर खुलकर बात कर रहे हैं। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उसे पकड़ने के लिए अपनी तलाश तेज कर दी है। यह खबर सोशल मीडिया पर भी बहुत तेजी से फैल रही है जहाँ लोग तरह तरह की राय दे रहे हैं।

पुराने अपराधी की जिंदगी का दुखद अंत

जेल से बाहर आने के बाद सुखदेव एक सामान्य और शांतिपूर्ण जिंदगी जीने की कोशिश कर रहे थे, वे अपने गांव में ही थे लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। यह दुखद हादसा उनके जीवन का आखिरी मोड़ साबित हुआ। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह बात और साफ हो पाएगी कि यह दुर्घटना कैसे हुई। फिलहाल कुशीनगर जिले में सुखदेव यादव की यह खबर एक बड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है।

Keywords: SukhdevYadav, Nitish Katara Murder, DP Y Adav, Vikas Yadav

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