- Advertisement -

संतोष से शेरखान बने यूपी के शख्स की 12 साल बाद घर वापसी, जबरदस्ती करवाया गया था इस्लाम कबूल

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में संतोष शुक्ला का जबरन धर्मांतरण कर उन्हें 'शेर अली खान' बना दिया गया था। लेकिन अब 12 साल बाद वह अपने घर लौट आए हैं।

4 Min Read

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जो किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं लगती। यह एक सच्ची दास्तां है संतोष शुक्ला की, जो पिछले 12 सालों से एक कठिन ‘कैद’ और ‘सताने’ का शिकार बने रहे। प्रतापगढ़ में धार्मिक उन्माद का भयावह रूप सामने आया है। संतोष शुक्ला, जो 12 साल पहले बंधक बनाए गए थे, न केवल कैद में रहे बल्कि उन्हें जबरन इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया और ‘शेर अली खान’ नाम दिया गया। आरोपियों ने उनकी पहचान को पूरी तरह से मिटाने के लिए उनका फर्जी आधार कार्ड भी तैयार करवा लिया, ताकि कोई भी उनके बारे में जान न सके।

- Advertisement -
Ad image

संतोष शुक्ला की घर वापसी

आज संतोष शुक्ला ने ‘सनातन हितकारिणी’ संस्था की मदद से अपने घर वापसी की। वैदिक मंत्रों और हवन के बीच उन्होंने फिर से अपनी सनातनी परंपरा को अपनाया। इस घटना के बाद, प्रतापगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी बदरूल जमां समेत चार अन्य को गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। पुलिस अब यह जांच रही है कि क्या इस धर्मांतरण के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

संतोष शुक्ला ने वैदिक रीति से हिंदू धर्म अपनाया

आज, 1 मार्च 2026 को प्रतापगढ़ के मकोइया कुंडा स्थित आश्रम वैदिक मंदिर में एक भव्य ‘शुद्धिकरण और घर वापसी’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस आयोजन का संचालन सनातन हितकारिणी न्यास ने किया, जिसमें संतोष शुक्ला ने वैदिक मंत्रों, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पुनः हिंदू धर्म को अपनाया।

- Advertisement -
Ad image

संतोष शुक्ला की ओर से गंभीर आरोप

संतोष शुक्ला, जिन्होंने सनातन धर्म से इस्लाम अपनाया था, ने आरोप लगाया कि दाउदनगर मस्जिद में उनका जबरन धर्मांतरण कर उन्हें ‘शेर अली खान’ नाम दिया गया। इसके बाद उनके फर्जी दस्तावेज़ बनवाए गए, जिनका दुरुपयोग किया गया। पीड़ित ने दावा किया कि उसे धार्मिक दबाव में मांस खाने के लिए मजबूर किया जाता था और विरोध करने पर बुरी तरह मारा-पीटा जाता था, साथ ही जान से मारने की धमकी दी जाती थी। किसी तरह वह इन अत्याचारों से बचकर बाहर निकला और 20 फरवरी 2026 को आरोपियों के चंगुल से भागने का प्रयास किया, लेकिन फिर से पकड़ लिया गया और प्रताड़ित किया गया। अंततः वह जेठवारा थाने पहुंचा और न्याय की मांग की। अब वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित है।

धर्मांतरण पर कड़ी निगरानी की जरूरत

धर्मांतरण एक संवेदनशील और गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिस पर सरकार और प्रशासन को सतर्क रहकर कार्रवाई करने की आवश्यकता है। भारत में कई बार जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आती हैं, जो या तो दबाव डालकर या किसी प्रलोभन के तहत की जाती हैं। ऐसे मामलों का समाधान करने के लिए कई संस्थाएं सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जो पीड़ितों की मदद करती हैं और उन्हें उनके मूल धर्म में वापसी का रास्ता दिखाती हैं। संतोष शुक्ला की घर वापसी इस बात का प्रमाण है कि यदि विश्वास और साहस हो, तो किसी भी मुश्किल से पार पाया जा सकता है। घर लौटने के बाद, संतोष ने राहत की सांस ली और एक नई शुरुआत की।

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू