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बीएमसी रिजल्ट के बाद शिंदे का मास्टरस्ट्रोक, हॉर्स ट्रेडिंग रोकने के लिए पार्षद 5-स्टार होटल में

बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने मिलकर जीत तो हासिल कर ली है, लेकिन असली घमासान अब सामने आता दिख रहा है।

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मुंबई: बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने मिलकर जीत तो हासिल कर ली है, लेकिन असली घमासान अब सामने आता दिख रहा है। दरअसल, मेयर पद को लेकर फैसला होने तक दोनों दलों की बेचैनी बनी रहेगी। इसी बीच एकनाथ शिंदे ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सभी नवनिर्वाचित नगरसेवकों को मुंबई के प्रसिद्ध पांच सितारा ताज लैंड्स एंड होटल में एकत्र होने का निर्देश दिया है। शिंदे ने अपने पार्षदों को दोपहर तीन बजे तक होटल पहुंचने को कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी पार्षदों को तीन दिनों तक होटल में ही ठहरने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम संभावित हॉर्स ट्रेडिंग को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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BMC चुनाव: अंतिम परिणाम

  • ठाकरे परिवार के गढ़ में सेंध लगाते हुए भाजपा-शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) गठबंधन ने बीएमसी चुनाव में बहुमत हासिल किया।
  • 227 सीटों वाली BMC में गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत पाया।
  • बहुमत के लिए जरूरी 114 सीटों का आंकड़ा गठबंधन ने पार कर लिया।
  • गठबंधन का प्रदर्शन
  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): 89 सीटें
  • शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट): 29 सीटें
  • विपक्षी गठबंधन का हाल
  • शिवसेना (UBT)-मनसे-राकांपा (शरद पवार गुट): 72 सीटें
  • शिवसेना (UBT): 65 सीटें
  • महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे): 6 सीटें
  • राकांपा (शरद पवार गुट): 1 सीट
  • अन्य दलों का प्रदर्शन
  • कांग्रेस: 24 सीटें
  • एआईएमआईएम: 8 सीटें
  • राकांपा (अजित पवार गुट): 3 सीटें
  • समाजवादी पार्टी: 2 सीटें
  • निर्दलीय उम्मीदवार: 2 सीटें

बता दें कि शिवसेना ने 1997 से लगातार 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन किया था। 9 साल बाद हुए इन चुनावों को देश के सबसे अमीर नगर निकाय के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है।

बीजेपी के पास अकेले पूर्ण बहुमत नहीं

बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने भले ही मिलकर बीएमसी चुनाव में बहुमत हासिल कर लिया हो, लेकिन बीजेपी के पास अकेले पूर्ण बहुमत नहीं है। ऐसे में मेयर पद तक पहुंचने के लिए एकनाथ शिंदे का समर्थन सत्ता की चाबी माना जा रहा है। वहीं शिंदे भी जानते हैं कि मेयर चुनाव में उनकी पार्टी तुरुप का इक्का साबित हो सकती है। यही वजह है कि पार्षदों की संभावित टूट-फूट और हेरफेर को रोकने के लिए यह सख्त फैसला लिया गया है।

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Keywords: BMC Mayor Election, Eknath Shinde Masterstroke, BMC Horse Trading Fear, Mumbai Civic Politics

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