एक्टर परेश रावल ने हाल ही में फिल्म अवार्ड्स को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर हर कोई सोच में पड़ गया है। परेश रावल ने साफ कहा है कि हमारे देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों तक में थोड़ी बहुत ‘लॉबिंग’ चलती है, यानी वहां भी थोड़ी दखलअंदाजी हो जाती है। यह बात उन्होंने एक पॉडकास्ट में कही और बताया कि किस तरह से फिल्म इंडस्ट्री में पुरस्कार पाने के लिए ‘नेटवर्किंग’ और ‘जुगाड़’ का सहारा लिया जाता है। उनकी यह बेबाक बात इस समय हर जगह चर्चा में है और लोग उनके सच बोलने की हिम्मत की बहुत तारीफ कर रहे हैं।
अवार्ड्स में लॉबिंग कैसे काम करती है
परेश रावल ने समझाया कि अवार्ड्स का खेल सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में चलता है। उन्होंने सीधे तौर पर ‘ऑस्कर अवार्ड्स’ का उदाहरण दिया और कहा कि वहां तो लॉबिंग खुलेआम होती है। विदेश में लोग बड़ी-बड़ी पार्टियां देते हैं और ‘एकेडमी’ के सदस्यों को प्रभावित करने की पूरी कोशिश करते हैं ताकि उनकी फिल्म या एक्टर को अवार्ड मिल सके। उन्होंने बताया कि हमारे देश में यह उतना खुला नहीं है लेकिन यहां भी कुछ ऐसा ही चलता है। यह सब ‘नेटवर्किंग’ और ‘प्रभाव’ से होता है, जहां लोग महीनों पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं ताकि ‘जूरी’ तक उनकी पहुंच बन सके। यह सब सुनकर लगता है कि अवार्ड्स असल में कला की पहचान कम, और ‘सेटिंग’ का खेल ज्यादा हैं।
परेश रावल के लिए असली सम्मान क्या है
परेश रावल खुद 1993 में अपनी फिल्मों ‘वो छोकरी’ और ‘सर’ के लिए सहायक अभिनेता का ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’ जीत चुके हैं। इसके बावजूद वह अवार्ड्स की दौड़ में कभी शामिल नहीं हुए। वह कहते हैं कि उनके लिए ट्रॉफी से ज्यादा खुशी तब होती है जब कोई निर्देशक या लेखक उनके काम की तारीफ करता है। परेश मानते हैं कि जब निर्देशक ‘कट’ बोलने के बाद खुशी से कहता है कि उन्होंने सीन को बिल्कुल वैसा ही कर दिया जैसा उन्होंने सोचा था, तो उनके लिए यही सबसे बड़ा ‘इनाम’ होता है। उन्होंने हमेशा अच्छा काम करने पर ध्यान दिया, न कि अवार्ड्स के पीछे भागने पर।
परेश की आने वाली फिल्में
परेश रावल इन दिनों अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ को लेकर भी सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने आगरा के एक ‘टूर गाइड’ का दमदार रोल निभाया है। इसके अलावा वह जल्द ही ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘हेरा फेरी 3’ जैसी मजेदार फिल्मों में भी नजर आने वाले हैं, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। परेश रावल की इस तरह की बेबाक टिप्पणियां दर्शाती हैं कि वह अपनी कला के साथ-साथ अपनी राय को लेकर भी कितने ईमानदार हैं।
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