नेपाल में बीते कुछ दिनों से चल रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने न सिर्फ स्थानीय हालात बिगाड़ दिए हैं, बल्कि वहां मौजूद विदेशी नागरिकों को भी मुश्किल में डाल दिया है। खासतौर पर महाराष्ट्र से गए लगभग 150 पर्यटक इस समय नेपाल में फंसे हुए हैं। इनमें विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालु और आम पर्यटक शामिल हैं। लगातार हिंसा और अशांति के बीच न तो फोन कॉल्स सही से लग पा रही हैं और न ही ऑनलाइन संदेशों का जवाब मिल रहा है। इस वजह से महाराष्ट्र में बैठे परिजनों की चिंता और भी बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया आश्वासन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मसला है, इसलिए केंद्र सरकार ही इस पर आधिकारिक रुख अपनाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार नेपाल में फंसे सभी नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों से सीधे संवाद किया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार लगातार केंद्र से संपर्क में है और बचाव प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
अन्य राज्यों की पहल और सहयोग
महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों की सरकारें भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कदम उठा रही हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी और फंसे हुए यात्रियों को धैर्य बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही सबको सुरक्षित वापस लाया जाएगा। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद जिले के प्रशासन ने अपने नागरिकों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि लोग संपर्क कर सकें और अपनी स्थिति साझा कर सकें। यह पहल संकट की घड़ी में परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
यात्रिओं की वापसी बनी चुनौती
हालांकि राहत की बात यह है कि फंसे हुए नागरिकों की सूची सार्वजनिक कर दी गई है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि कौन लोग प्रभावित हैं। फिर भी, जब तक सभी सुरक्षित लौट नहीं आते, तब तक परिजनों की चिंता कम होना मुश्किल है। लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शनों और सड़कों पर बिगड़ते हालात को देखते हुए यात्रियों की वापसी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार और नेपाल प्रशासन पर टिकी हैं कि वे कितनी जल्दी इस संकट का समाधान निकालकर भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराते हैं।
Keywords – Nepal Protests, Maharashtra Tourists Stranded, Indians Stuck In Nepal, Nepal Protests, Devendra Fadnavis Statement, Eknath Shinde Assurance, Indian Government Action, Gen Z Protests

