महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी अब और भी तेज़ हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा,‘भाजपा सबसे बड़ा एनाकोंडा है’। राउत ने कहा कि भाजपा अब एक ऐसी पार्टी बन गई है जो ‘कुछ भी निगल सकती है’ जैसे विधानसभा, संसद या मुंबई का कोई ज़मीन का टुकड़ा। उनका आरोप है कि भाजपा सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा और मराठी अस्मिता को भी खत्म करने में लगी हुई है। अब उनके इस बयान से राज्य की सियासत गरमा गई है और भाजपा-शिवसेना (यूबीटी) के बीच की खाई और भी ज्यादा गहरी होती हुई दिख रही है।
‘शिंदे, एनाकोंडा का बच्चा ‘
शिवसेना नेता ने अपने भाषण में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी आड़े हाथों में ले लिया। उन्होंने शिंदे को मजाकियां लहजे में कहा, ‘एनाकोंडा का बच्चा’ बताया और कहा कि शिंदे, दिल्ली वाले एनाकोंडा के बेटे हैं, जो पैसे और सत्ता दोनों को निगलने में माहिर हैं। राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट महाराष्ट्र की जनता की आवाज़ नहीं, बल्कि दिल्ली वालों के इशारों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘जब पिता एनाकोंडा पैसे से भरे बर्तन निगलता है, तो बेटा भी उसी लय में सुर मिलाता है।’ इस बयान से साफ है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शिंदे गुट के बीच विचारधारात्मक और भावनात्मक टकराव अब खुलकर सामने आ रहा है।
मराठी अस्मिता और नासिक कुंभ मेला पर राउत के सवाल
संजय राउत ने अपने बयान में मराठी अस्मिता को लेकर भाजपा और शिंदे सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों मिलकर मुंबई की पहचान और मराठी लोगों की भावनाओं को कुचल रहे हैं। राउत ने नासिक कुंभ मेले में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि इस परियोजना में 15 से 20 हजार करोड़ रुपये के ठेके गुजरात के ठेकेदारों को दिए गए हैं, जबकि महाराष्ट्र के स्थानीय ठेकेदारों को नज़रअंदाज़ किया गया है। राउत ने इसे सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक लूट बताया है।
भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा नेताओं ने राउत के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह हताशा का नतीजा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) अपनी जमीन खो चुकी है और अब शब्दों की राजनीति से जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
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