- Advertisement -

UNESCO ने दीपावली को दी वैश्विक मान्यता, भारत की सांस्कृतिक विरासत को मिला नया मुकाम

UNESCO ने भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सव दीपावली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (intangible cultural Heritage) की सूची में शामिल कर लिया है।

4 Min Read

भारत का प्राचीन और महत्वपूर्ण त्योहार दीपावली अब यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Cultural Heritage) की सूची में शामिल कर लिया गया है। यह घोषणा दिल्ली के लाल किले में आयोजित यूनेस्को की बैठक के दौरान की गई। इस फैसले ने भारत के सांस्कृतिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है। यूनेस्को ने सोशल मीडिया पर भारत को बधाई दी और कहा कि दीपावली की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व मानव समाज के लिए एक अनमोल धरोहर है। इससे पहले भारत की 15 सांस्कृतिक परंपराएं इस सूची में थीं, और अब दीपावली के शामिल होने से यह संख्या बढ़कर 16 हो गई है।

- Advertisement -
Ad image

प्रधानमंत्री मोदी का रिएक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली को मिली वैश्विक मान्यता को भारत के लिए गर्व का क्षण बताया। सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक दर्शन की आत्मा है। यह त्योहार प्रकाश, न्याय, धर्म और सत्य के मार्ग का प्रतीक है। पीएम मोदी ने कहा कि यूनेस्को द्वारा की गई यह घोषणा दीपावली की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगी और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को विश्वभर में नई ऊर्जा देगी। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत की बड़ी उपलब्धि बताया, जो दुनिया को सद्भाव और आध्यात्मिकता का संदेश देती है।

भारत की 16 अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरें

यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में अब भारत की कुल 16 परंपराएं शामिल हो चुकी हैं। इनमें कुंभ मेला, योग, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला, गरबा, कोलकाता की दुर्गा पूजा, छऊ नृत्य, हिमालयी बौद्ध मंत्र जाप, मुदियेट्टू, नवरोज, पोंगल और बैसाखी जैसे महत्वपूर्ण त्योहार शामिल हैं। ये सभी परंपराएं भारत की विविधता, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक गहराई को रिप्रेजेंट करती हैं। दीपावली का भी इस सूची में शामिल होना भारत के सांस्कृतिक धरोहर को और समृद्ध करता है। इस निर्णय से वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक पहचान को एक नई प्रतिष्ठा मिली है, और यह दर्शाता है कि भारतीय उत्सव केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय मूल्यों से भी समृद्ध हैं।

- Advertisement -
Ad image

दिल्ली की मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यूनेस्को की दीपावली को मिली वैश्विक मान्यता को भारतीय संस्कृति का “स्वर्णिम अध्याय” बताया। उन्होंने कहा कि यह मान्यता इस बात का प्रमाण है कि भारत की सनातन परंपराएं न केवल प्राचीन हैं, बल्कि आज भी विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि दीपावली का प्रकाश मानवता को सत्य, चरित्र, मर्यादा और नैतिकता की दिशा में आगे बढ़ाता है।

मुख्यमंत्री ने यह जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी की “विकास भी, विरासत भी” नीति को यह उपलब्धि और मजबूती प्रदान करती है। योग, दुर्गा पूजा, गरबा और अब दीपावली जैसी मान्यताएं भारत की सांस्कृतिक महत्ता को वैश्विक मंच पर और भी उज्जवल कर रही हैं।

Keywords: Intangible Cultural Heritage, Indian Culture, Diwali Global Recognition

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू