सरकार ने 2023 के नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम को गुरुवार से देशभर में लागू करने का निर्णय लिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब संसद में इस विषय को लेकर लगातार चर्चा जारी है। इसी दिन लोकसभा में इस अधिनियम से संबंधित संशोधन विधेयक भी पेश किया गया, जिस पर देर रात तक लंबी बहस चली।
बताया जा रहा है कि आज भी सदन में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा होगी और उसके बाद शाम लगभग 4 बजे मतदान कराया जाएगा। इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal द्वारा 16 अप्रैल को रखे गए प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए, सरकार अन्य जुड़े हुए विधेयकों को भी लोकसभा में पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पीएम मोदी बोले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि अगर इस तरह का कदम कई दशक पहले ही लागू कर दिया गया होता, तो आज तक इसमें समय-समय पर सुधार करके इसे और मजबूत बनाया जा सकता था। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में नीतियों को विकसित करने की यही प्रक्रिया होती है और इस विधेयक को सभी दलों की सहमति से पारित होना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा
वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेता अखिलेश यादव महिलाओं के मुद्दों को गंभीरता से उठा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष पर आरोप लगाया कि चुनाव के समय योजनाएं घोषित की जाती हैं और बाद में उन्हें जारी नहीं रखा जाता।
इसी मुद्दे पर Indian National Congress के सांसद मल्लू रवि ने अलग दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विचार पहले से ही कांग्रेस के कार्यकाल में आगे बढ़ाया गया था और पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन करती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चाहती है कि इस बिल को अन्य प्रस्तावों, विशेष रूप से परिसीमन (डीलिमिटेशन) से अलग करके लाया जाए, तभी वे इसे पूर्ण समर्थन देंगे।
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