नोएडा के बहुचर्चित निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट से एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने कोली के खिलाफ लंबित आखिरी मामले में भी उसकी उम्रकैद की सजा के फैसले को वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने यह अहम फैसला सुनाया है।
क्या था पूरा मामला?
सुरेंद्र कोली, जो निठारी हत्याकांड के दौरान नौकर था, उस पर 2005 और 2007 के बीच हुए चौंकाने वाले अपराधों में बलात्कार और हत्या के कुल 13 मामले दर्ज थे। इन मामलों की भयावहता के कारण यह देश के सबसे कुख्यात आपराधिक मामलों में से एक बन गया था।
राहत का आधार: क्यूरेटिव याचिका
पिछले कई वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद, सुरेंद्र कोली को पहले ही 12 मामलों में बरी किया जा चुका था। हालांकि, एक अंतिम मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में उसकी उम्रकैद की सज़ा पर मुहर लगाई थी।
कोली ने इस अंतिम सज़ा के खिलाफ क्यूरेटिव याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 7 अक्टूबर को इस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और अब यह फैसला सुनाया गया है। क्यूरेटिव याचिका न्यायिक प्रक्रिया में तब दाखिल की जाती है जब याचिकाकर्ता को लगता है कि अंतिम फैसले (रिव्यू पिटीशन के बाद भी) में न्याय के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है।
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