भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि नीतिगत रेपो दर को 5.25% पर बिना किसी बदलाव के बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही समिति ने अपना “तटस्थ” रुख भी कायम रखा है, यानी भविष्य में हालात के अनुसार दरों में बदलाव की गुंजाइश बनी रहेगी।
गवर्नर ने कहा कि 6 और 7 तारीख को हुई बैठक और आज हुई चर्चा के बाद बदलते व्यापक आर्थिक और वित्तीय हालात का विस्तृत आकलन किया गया। इसके आधार पर एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर को स्थिर रखने का फैसला लिया। इस फैसले के बाद स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) दर 5%, जबकि सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दर और बैंक दर 5.5% पर बनी रहेंगी।
आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में देश की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 7.6% रहने का अनुमान है। यह मजबूत वृद्धि सरकार की सहयोगी नीतियों, लगातार हो रहे संरचनात्मक सुधारों और अनुकूल वित्तीय परिस्थितियों के कारण संभव हुई है। साथ ही, खपत और निवेश में मजबूती ने आर्थिक गतिविधियों को गति दी है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर चुनौतियां बनी रह सकती हैं। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और अन्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित रुकावटों के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। इससे उत्पादन के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है और आर्थिक वृद्धि पर दबाव बन सकता है।
गवर्नर ने भरोसा जताया कि सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय है और जरूरी क्षेत्रों में आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी बाधा का असर कम किया जा सके।
#WATCH | RBI Governor Sanjay Malhotra says, "India's merchandise exports contracted by 0.2% during the first two months of this year on a year-on-year basis. This was a result of export contraction in key markets. Merchandise imports, on the other hand, recorded a double-digit… pic.twitter.com/eQsslNaMtD
— ANI (@ANI) April 8, 2026
साथ ही, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई सकारात्मक संकेत भी हैं। सेवा क्षेत्र में लगातार मजबूती बनी हुई है, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में किए गए सुधारों का असर जारी है और बैंकों व कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत है, जो आगे भी आर्थिक गतिविधियों को सहारा देती रहेगी।
कुल मिलाकर, भारतीय रिज़र्व बैंक का यह फैसला मौजूदा आर्थिक हालात में संतुलन बनाए रखने और स्थिरता को प्राथमिकता देने वाला कदम माना जा रहा है।
Keywords: RBI MPC Meeting, Repo Rate 5.25%, RBI Policy Update, Sanjay Malhotra, GDP Growth 7.6%, Inflation And Interest Rates

