लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विशेष सत्र के दौरान कहा कि देश के विकास और समाज की दिशा तय करने में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम रही है। उन्होंने माना कि हर व्यक्ति अपने जीवन में महिलाओं से कुछ न कुछ सीखता है और उनका योगदान अनदेखा नहीं किया जा सकता।
बिल पर उठाए सवाल
महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह कदम असल में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं दिखता। उनके मुताबिक, इसके जरिए देश की चुनावी संरचना में बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है।
राज्यों के प्रतिनिधित्व की चिंता
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया का असर दक्षिण भारत, उत्तर-पूर्व और छोटे राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी पर पड़ सकता है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह कदम कुछ खास राजनीतिक फायदे को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जो देशहित के अनुरूप नहीं है।
सरकार की मंशा पर सवाल
राहुल गांधी ने सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव वास्तविक बदलाव के बजाय एक रणनीतिक कदम ज्यादा प्रतीत होता है। उनके अनुसार, सरकार को पहले से पता था कि इसे लागू करना आसान नहीं होगा, फिर भी इसे पेश किया गया ताकि महिलाओं के समर्थन की छवि बनाई जा सके।
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