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पाकिस्तान की ओछी हरकत, हिंदू श्रद्धालुओं से कहा गुरुद्वारे सिखों के लिए हैं, अपने मंदिरों में पूजा करो

गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान ननकाना साहिब जाने के लिए वीजा होने के बावजूद इन परिवारों को अपमानित किया गया, जिसे भारत सरकार ने गंभीरता से लेते हुए कड़ा विरोध जताया है।

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गुरु नानक जयंती के खास मौके पर भारत से सिख श्रद्धालुओं के साथ गए कुछ हिंदू परिवारों को पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर पर रोक दिया और बहुत अपमानित करके वापस भारत भेज दिया। दिल्ली, लखनऊ और नवा शहर के यह चौदह हिंदू परिवार बहुत बेताब थे कि वह सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान ननकाना साहिब जाकर अपना सदियों का सपना पूरा करेंगे। लेकिन पाकिस्तानी रेंजर्स के अधिकारियों ने उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी, जिससे सबको बहुत दुख हुआ।

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वीजा था फिर भी रोका गया और भेदभाव हुआ

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से इन सभी परिवारों ने पूरे नियम के हिसाब से वीजा लिया था और वह सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना हुए थे। जैसे ही वह अटारी वाघा बॉर्डर पार करके पाकिस्तान की तरफ पहुंचे, वहाँ मौजूद पाकिस्तानी इमीग्रेशन के अफसरों ने उनका पासपोर्ट देखा और हिंदू नाम होने की वजह से सबको रुकवा दिया। अमर चंद और गंगा राम जैसे हिंदू श्रद्धालुओं ने रोते हुए बताया कि अधिकारियों ने उन पर चिल्लाकर पूछा कि सिख जत्थे में हिंदू क्यों जा रहे हैं। उन्होंने बार बार समझाया कि हिंदू लोग भी गुरु नानक जी को बहुत मानते हैं और उनके लिए यह जगह बहुत पवित्र है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी।

‘अपने मंदिरों में जाओ’ कहकर ताना मारा

रेंजर्स के अधिकारियों ने मुंह बनाकर कहा कि गुरुद्वारे सिर्फ सिखों के लिए हैं और हिंदुओं को अपने मंदिरों में पूजा करनी चाहिए। परिवार के सदस्यों ने अपनी पूरी बात बताते हुए कहा कि उनके बुजुर्गों का जन्म भी पाकिस्तान में हुआ था और वह भारत आकर फतेहपुर बेरी में बस गए थे। उनकी दिली इच्छा थी कि गुरु जयंती के पावन मौके पर वह ननकाना साहिब का दर्शन करें, लेकिन पाकिस्तान ने उनके लिए दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी रोते हुए अटारी बॉर्डर से वापस भारत लौट आए।

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भारत सरकार ने लिया मामले का संज्ञान

भारत सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से ले लिया है और वह पाकिस्तान से इस तरह के व्यवहार के लिए कड़ा विरोध जताएगी। सूत्रों से पता चला है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान थोड़ा बौखला गया है और वह जानबूझकर हिंदू और सिख समुदायों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहा है। गुरु पर्व जैसे पवित्र त्योहार पर भी धर्म के नाम पर ऐसा बुरा बर्ताव करना उसकी एक पुरानी आदत बन गई है। इन चौदह परिवारों का दर्द देखकर हर भारतीय का दिल बहुत ज्यादा दुखी हो गया है। यह घटना दोनों समुदायों के बीच एकता को तोड़ने की एक बुरी कोशिश लगती है।

Keywords: Pakistan Hindu Sikh Unity, Guru Nanak Jayanti Pilgrims, Wagah Border Incident, Sikh Jatha Hindus Sent Back

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