भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब अपने लोकल मंथली पास और फास्टैग एनुअल पास के बारे में जानकारी को लोगों तक आसान और स्पष्ट तरीके से पहुंचाने की नई पहल शुरू की है। इसके तहत एनएचएआई ने अपने सभी रीजनल ऑफिस को आदेश दिया है कि वे देशभर के सभी टोल प्लाजाओं पर इन पासों की जानकारी प्रमुख रूप से लगाएं। अब यात्री टोल पर खड़े होकर आसानी से समझ सकेंगे कि कौन सा पास उनके लिए सही है और इसकी अवधि, लाभ और नियम क्या हैं। इस कदम से पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों को सही और समय पर जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, इससे टोल पर भ्रम और परेशानी भी कम होगी। यह पहल न केवल सुविधा बढ़ाने के लिए है, बल्कि यात्रियों को सही निर्णय लेने में मदद करेगी और हाईवे का उपयोग और भी सरल और सुरक्षित बनाएगी।
तीन भाषाओं में दिखेगी पूरी जानकारी
एनएचएआई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर टोल प्लाजा पर लोकल मंथली पास और फास्टैग एनुअल पास की जानकारी तीन भाषाओं, हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में लगाई जाए। ये सूचना बोर्ड टोल के प्रवेश और निकास बिंदु, कस्टमर सर्विस डेस्क और अन्य प्रमुख स्थानों पर रखे जाएंगे ताकि सभी यात्री आसानी से इसे देख सकें। सभी रीजनल ऑफिस को 30 दिन के भीतर यह काम पूरा करने का आदेश दिया गया है। बोर्ड दिन और रात दोनों समय स्पष्ट दिखाई देने चाहिए। इसके अलावा, ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप और एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर भी यह जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लोग ऑनलाइन भी पासों की पूरी जानकारी देख सकें। यह पहल यात्रियों के लिए पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
लोकल मंथली पास से आस-पास के यात्रियों को मिलेगी राहत
जो यात्री टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं, वे ‘लोकल मंथली पास’ का लाभ ले सकते हैं। यह पास खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो रोजाना नेशनल हाईवे पर यात्रा करते हैं। पास बनवाने के लिए यात्रियों को आधार कार्ड, वाहन की आरसी और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। दस्तावेज़ों की जांच और सत्यापन के बाद टोल प्लाजा के हेल्पडेस्क से मंथली पास जारी किया जाता है। इस सुविधा से स्थानीय यात्रियों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी यात्रा भी आसान और तेज़ होगी।
फास्टैग एनुअल पास से देशभर में एक ही टैग से सफर होगा आसान
एनएचएआई ने निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए ‘फास्टैग एनुअल पास’ सुविधा शुरू की है। यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक वैध रहता है। इसे ‘राजमार्गयात्रा ऐप’ से खरीदा जा सकता है, जिसकी फीस 3,000 रुपये है। पास सक्रिय होने के बाद यह डिजिटल रूप से आपके वाहन के फास्टैग से जुड़ जाता है और देशभर के करीब 1,150 टोल प्लाजाओं पर मान्य होता है। इस पहल से हाईवे यात्रा सरल हो जाएगी, नकद भुगतान की जरूरत नहीं होगी और लंबी लाइनों में इंतजार करने से भी राहत मिलेगी।
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