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प्रधानमंत्री मोदी का मैकाले की शिक्षा नीति पर हमला, 2035 तक भारत को अपनी जड़ों की ओर लौटाने की योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति की आलोचना की और 2035 तक इसके नकारात्मक प्रभाव खत्म करने का वादा किया। पीएम ने अयोध्या से मजबूत संदेश दिया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारत के इतिहास पर दो महत्वपूर्ण भाषण दिए, जिनमें उन्होंने ब्रिटिश काल के लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति की कड़ी आलोचना की। PM मोदी का लक्ष्य 2035 तक मैकाले की शिक्षा नीति के हानिकारक प्रभावों को पूरी तरह समाप्त करना है। यह घोषणा उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर की, जिसे राष्ट्रीय संप्रभुता की बहाली का प्रतीक माना जा रहा है।

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मोदी का यह कदम भारत को उसकी जड़ों की ओर लौटाने और भारतीय पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2014 से मोदी सरकार ने भारतीय समाज में बड़े बदलाव लाए हैं और कांग्रेस व नेहरूवादी विचारधारा को पीछे छोड़ दिया है।

मैकाले की शिक्षा नीति और उसका प्रभाव

लॉर्ड मैकाले ने भारतीय ज्ञान परंपराओं को कमतर आंका और पश्चिमी शिक्षा को श्रेष्ठ माना। उनकी यह सोच आज भी भारतीय समाज के कुछ हिस्सों में छाई हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2035 तक, यानी मैकाले की शिक्षा नीति की 200वीं वर्षगांठ तक, इसके नकारात्मक प्रभाव को समाप्त करने का वादा किया है।

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सामाजिक बदलाव और भारतीय पहचान

मंडल आयोग की सिफारिशों के बाद भारतीय समाज में उच्च नौकरशाही और अंग्रेजी बोलने वाले एलीट वर्ग का प्रभाव कम हुआ। नई पीढ़ी कॉर्पोरेट जगत या विदेश में चली गई और मैकाले की सोच कमजोर पड़ गई। मोदी ने इस सामाजिक विस्तार को बढ़ावा दिया और भारतीय लोकतंत्र में इस बदलाव को प्रोत्साहित किया।

‘खान मार्केट गैंग’ और बदलाव का विरोध

2014 के बाद आए बड़े बदलावों के कारण पुराने गुट जैसे ‘खान मार्केट गैंग’ की प्रासंगिकता घट गई। वे बदलावों को रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मोदी सरकार ने विकास और भारतीय आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया।

अयोध्या में संदेश और धर्म ध्वज

अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन पर धर्म ध्वज फहराना इस बात का प्रतीक है कि भारत अब अपनी स्वदेशी पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों की ओर लौट रहा है। यह संदेश उन लोगों के लिए भी था जिन्होंने अयोध्या में मंदिर के पुनर्निर्माण को रोकने की कोशिश की।

मैकाले का असल मकसद

मैकाले की विरासत के खिलाफ यह संघर्ष केवल अंग्रेजी भाषा के विरोध में नहीं है। औपनिवेशिक सत्ता ने अंग्रेजी का उपयोग भारतीय संस्कृति और ज्ञान प्रणालियों के खिलाफ एक हथियार के रूप में किया था। राजनीतिक स्वतंत्रता मिली, लेकिन मानसिक गुलामी की परंपरा कुछ हिस्सों में बनी रही।

Keywords:Modi Macaulay Education Policy, Macaulay Education System India, Indian Education Reform 2035, Modi On Indian Knowledge Traditions

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